वीडियो में देंखे अयोध्या में रामनवमी पर भव्य ‘सूर्य तिलक’, अभिजीत मुहूर्त में रामलला के ललाट पर पड़ी सूर्य किरणें
रामनवमी के पावन अवसर पर शुक्रवार दोपहर अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन देखने को मिला। दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का विशेष ‘सूर्य तिलक’ किया गया। यह प्राण-प्रतिष्ठा के बाद रामलला का दूसरा सूर्य तिलक बताया जा रहा है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला।
निर्धारित समय पर जैसे ही दोपहर 12 बजे का मुहूर्त हुआ, सूर्य की किरणें विशेष तकनीक के माध्यम से सीधे गर्भगृह तक पहुंचीं और रामलला के ललाट पर पड़ीं। इस दिव्य दृश्य को देखकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस दौरान मंदिर परिसर में “जय श्री राम” के जयकारे गूंजते रहे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
धार्मिक परंपरा के अनुसार, इस विशेष अवसर पर गर्भगृह में कुल 14 पुजारी मौजूद रहे, जिन्होंने विधि-विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। सूर्य तिलक के बाद रामलला की आरती भी संपन्न की गई। इसके बाद कुछ समय के लिए गर्भगृह के पट बंद कर दिए गए।
जानकारी के अनुसार, रामनवमी के इस अवसर पर रामलला को 56 प्रकार के विशेष व्यंजनों का भोग भी अर्पित किया जाएगा, जिसे भक्तों की आस्था और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
इस अद्भुत ‘सूर्य तिलक’ व्यवस्था के पीछे अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। बताया गया है कि अष्टधातु से बने लगभग 20 पाइपों की मदद से 65 फीट लंबा विशेष सिस्टम तैयार किया गया है। इस प्रणाली में 4 लेंस और 4 मिरर लगाए गए हैं, जिनकी सहायता से सूर्य की किरणों को सटीक रूप से गर्भगृह तक पहुंचाया गया और रामलला के मस्तक पर केंद्रित किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक धार्मिक परंपरा और आधुनिक विज्ञान का अद्भुत संगम है, जो प्रत्येक वर्ष रामनवमी पर एक निश्चित समय पर सूर्य की किरणों को भगवान रामलला के मस्तक तक पहुंचाने में सक्षम होती है।
रामनवमी के इस पावन अवसर पर अयोध्या में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। यह आयोजन आस्था, तकनीक और परंपरा का एक अनूठा उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसे देखने के लिए देशभर से भक्त अयोध्या पहुंचे।