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मैनपुरी में युवक ने इंस्टाग्राम पर लगाया स्टेटस- ‘लव ही तो है, लाइफटाइम थोड़े ही रहेगा’, फिर गोली मारकर दी जान

 

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में 35 वर्षीय युवक की आत्महत्या का मामला सामने आया है। युवक ने इंस्टाग्राम पर फिल्म ‘मिर्जापुर’ का डायलॉग ‘लव ही तो है, लाइफटाइम थोड़े ही रहेगा’ स्टेटस पर लगाया था। इसके बाद उसने खुद को गोली मार ली। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन सैफई स्थित आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। मामले की जांच जारी है।

घर में अकेला था युवक

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक की पहचान मोहम्मद आजम उर्फ शहंशाह के रूप में हुई है। वह जयपुर में मजदूरी करता था और घटना से कुछ समय पहले ही घर लौटा था। घटना के समय उसकी मां अपनी बीमार बहन को देखने कन्नौज गई हुई थीं।

बताया गया है कि घर से गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। वहां युवक घायल अवस्था में मिला। परिजन और स्थानीय लोग उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। 

प्रेम प्रसंग को लेकर परिजनों ने लगाए आरोप

रिपोर्ट के अनुसार, युवक के पिता ने बताया कि करीब 10 साल पहले उसका एक युवती से प्रेम प्रसंग था। परिजनों का दावा है कि युवती की शादी होने के बाद भी दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि युवती युवक पर 70 हजार रुपये देने का दबाव बना रही थी। हालांकि, ये आरोप परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि या पुलिस जांच के निष्कर्षों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना के पीछे की वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने घटनास्थल से तमंचा, कारतूस और मोबाइल फोन सहित संबंधित सामग्री अपने कब्जे में ली है। युवक के मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा रही है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों को समझा जा सके।

पुलिस के मुताबिक, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल युवक की मौत के पीछे की परिस्थितियों और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। 

यह घटना सोशल मीडिया पर साझा किए जाने वाले संदेशों और निजी रिश्तों से जुड़े तनाव के संदर्भ में भी चर्चा में है। हालांकि, किसी एक स्टेटस के आधार पर किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति या घटना का निश्चित कारण तय नहीं किया जा सकता। मामले की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी।