कानपुर में 12वीं पास युवक बना RBI अफसर, JE से 95 लाख की ठगी; 9 साल तक चलता रहा खेल
कानपुर में साइबर ठगी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां इंटर पास एक युवक ने खुद को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का अधिकारी बताकर एक जूनियर इंजीनियर (JE) से करीब 95 लाख रुपये ठग लिए।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से पिछले नौ वर्षों में यह रकम अपने और अपनी पत्नी के बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई। बताया जा रहा है कि पीड़ित ने अपनी एक पॉलिसी लैप्स होने के बाद गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजा था। इसी दौरान वह ठगों के जाल में फंस गया।
जानकारी के अनुसार आरोपी ने खुद को आरबीआई अधिकारी बताकर भरोसा जीत लिया और कहा कि वह पॉलिसी का पैसा रिफंड कराने में मदद करेगा। इसके बाद अलग-अलग कारण बताकर वह लगातार पैसे ट्रांसफर करवाता रहा।
पीड़ित को लंबे समय तक यह विश्वास दिलाया गया कि उसकी रकम प्रोसेस में है और जल्द ही रिफंड मिल जाएगा। आरोपी कभी टैक्स, कभी प्रोसेसिंग फीस तो कभी अन्य तकनीकी कारणों का हवाला देकर पैसे मांगता रहा।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अधिक पढ़ा-लिखा नहीं था, लेकिन उसने इंटरनेट और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर बड़ी ठगी को अंजाम दिया। इस दौरान उसने खुद को प्रभावशाली अधिकारी की तरह पेश किया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित को लगातार रकम जमा कराने के बावजूद कोई रिफंड नहीं मिला। शक होने पर उसने पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अक्सर गूगल पर दिखने वाले फर्जी कस्टमर केयर नंबरों के जाल में फंस जाते हैं। ऐसे मामलों में हमेशा आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित नंबरों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
फिलहाल पुलिस आरोपी और उससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें और साइबर ठगी से सतर्क रहें।