कानपुर में सरकारी नौकरी के नाम पर 43 लोगों से 80 लाख की ठगी, CM योगी से नियुक्ति पत्र दिलाने का दिया था झांसा
उत्तर प्रदेश के कानपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। शातिरों ने 43 लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे करीब 80 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए उन्हें सरकारी विभागों में अधिकारियों से भी मिलवाया। इसके बाद दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों उन्हें नियुक्ति पत्र दिलवाए जाएंगे। नौकरी मिलने की उम्मीद में पीड़ित आरोपियों के झांसे में आ गए और अपनी रकम गंवा बैठे।
सरकारी विभागों में अधिकारियों से करवाया संपर्क
जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने लोगों को सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। पीड़ितों को विश्वास में लेने के लिए उन्हें सरकारी विभागों में अधिकारियों से मिलवाया गया। इससे लोगों को लगा कि आरोपियों की पहुंच सरकारी तंत्र में है और उनकी नौकरी लग सकती है।इसके बाद आरोपियों ने नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कराने और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लिए। बताया गया कि इस तरह 43 लोगों से कुल करीब 80 लाख रुपये वसूले गए।
CM योगी से नियुक्ति पत्र दिलाने का दावा
आरोपियों ने पीड़ितों को यह भरोसा भी दिलाया कि उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नियुक्ति पत्र मिलेंगे। इस दावे के चलते नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे लोगों ने आरोपियों पर भरोसा किया।हालांकि, नौकरी के नाम पर रकम लेने के बावजूद पीड़ितों को नियुक्ति पत्र मिलने की बात सामने नहीं आई। इसके बाद ठगी का मामला उजागर हुआ।
43 पीड़ितों से 80 लाख रुपये की ठगी
इस मामले में ठगी की कुल रकम करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है। पीड़ितों की संख्या 43 है। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाकर इतनी बड़ी रकम वसूले जाने से मामला चर्चा में है।फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में आरोपियों की पहचान, ठगी की पूरी समयावधि और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।
नौकरी के नाम पर पैसे देने से पहले बरतें सावधानी
सरकारी नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के लिए अभ्यर्थियों को भर्ती की जानकारी संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से जांचनी चाहिए। किसी व्यक्ति के कहने पर नियुक्ति पत्र दिलाने या अधिकारियों से पहचान होने के दावे के आधार पर पैसे देने से बचना चाहिए।कानपुर के इस मामले में आगे की जांच और पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ठगी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।