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सपा-कांग्रेस में बढ़ी तल्खी: इमरान मसूद ने उदयवीर सिंह के बयान पर साधा निशाना, गठबंधन धर्म निभाने की दी नसीहत

 

कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी (सपा) नेता उदयवीर सिंह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सपा और उसके नेतृत्व पर कई सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि गठबंधन की राजनीति की सबसे ज्यादा चर्चा करने वाली पार्टी ने ही 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान सहयोगी दलों के साथ अपेक्षित तालमेल नहीं रखा। इमरान मसूद ने कहा कि गठबंधन सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए।

सहारनपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता ने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार गठबंधन और विपक्षी एकता की बात करती रही है, लेकिन चुनावी परिस्थितियों में सहयोगी दलों के साथ उसका रवैया अलग नजर आया। उन्होंने कहा कि गठबंधन की सफलता के लिए सभी दलों के बीच भरोसा, सम्मान और बेहतर समन्वय जरूरी होता है।

इमरान मसूद ने सपा नेता उदयवीर सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अपने सहयोगी दलों का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर गठबंधन की राजनीति में विश्वास रखती है और सहयोगी दलों के साथ मिलकर जनता के मुद्दों को उठाने का काम करती है।

कांग्रेस नेता ने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय गठबंधन को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की ओर से गठबंधन को लेकर जो उम्मीदें और दावे किए गए थे, वे जमीन पर पूरी तरह दिखाई नहीं दिए। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में सपा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए गठबंधन की मजबूती के लिए आपसी सम्मान को जरूरी बताया।

उन्होंने कहा कि गठबंधन केवल सीटों के बंटवारे तक सीमित नहीं होता। गठबंधन का मतलब है कि सभी दल एक-दूसरे के साथ खड़े रहें और राजनीतिक फैसलों में सहयोग करें। उन्होंने सपा नेतृत्व को सलाह देते हुए कहा कि यदि विपक्षी एकता को मजबूत करना है तो सभी सहयोगी दलों को बराबर महत्व और सम्मान देना होगा।

इमरान मसूद ने यह भी कहा कि कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी आने वाले राजनीतिक मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार है और संगठन स्तर पर मजबूती के प्रयास किए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में विपक्षी गठबंधन के दलों के बीच समय-समय पर अलग-अलग मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आते रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद सपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच कई मौकों पर बयानबाजी देखने को मिली है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा और कांग्रेस के संबंध आगामी चुनावों के लिहाज से काफी अहम हैं। ऐसे में दोनों दलों के नेताओं के बयान राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं।

फिलहाल इमरान मसूद के बयान के बाद सपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अब देखना होगा कि सपा की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है और दोनों दलों के रिश्तों पर इसका क्या असर पड़ता है।