IIT पास साधु पर यौन शोषण के गंभीर आरोप, वीडियो में देंखे दूसरी पीड़िता का दावा- 'ब्रेनवॉश कर बनाया शिकार'
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में खुद को साधु बताने वाले एक युवक पर कई युवतियों के यौन शोषण के आरोप सामने आए हैं। मामले में दूसरी पीड़िता ने भी गंभीर खुलासे किए हैं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने पहले सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया, फिर आध्यात्मिक प्रभाव और भावनात्मक दबाव बनाकर उसका शोषण किया।
इंस्टाग्राम से हुई पहचान, फिर बढ़ा संपर्क
पीड़िता के अनुसार, आरोपी अभिषेक मिश्रा ने उसका मोबाइल नंबर इंस्टाग्राम के माध्यम से हासिल किया। इसके बाद दोनों की बातचीत जूम कॉल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से होने लगी। युवती का कहना है कि वह आरोपी की बातों से इतनी प्रभावित हो गई कि पश्चिम बंगाल से मथुरा आकर रहने लगी।पीड़िता ने आरोप लगाया कि एक दिन आरोपी ने उससे कहा, "अगर मैं तुम्हारे साथ गलत करूं तो तुम क्या कर लोगी?" इसके बाद उसे आरोपी के व्यवहार और इरादों पर संदेह होने लगा।
खुद को भगवान कृष्ण का रूप बताने का आरोप
आरोप है कि मथुरा के थाना गोवर्धन क्षेत्र स्थित राधाकुंड में साधु के वेश में रह रहा अभिषेक मिश्रा खुद को भगवान कृष्ण का स्वरूप बताता था। पीड़िताओं के मुताबिक, वह दावा करता था कि उसके सपनों में राधारानी आती हैं और उसे विशेष आध्यात्मिक शक्तियां प्राप्त हैं।जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपी इन दावों के जरिए युवतियों का विश्वास जीतता था और धीरे-धीरे उनका ब्रेनवॉश करता था। इसके बाद कथित तौर पर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया जाता था।
कई युवतियों के शोषण का आरोप
पीड़िता का दावा है कि बाद में उसे पता चला कि आरोपी केवल उसके साथ ही नहीं, बल्कि कई अन्य युवतियों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार कर चुका है। बताया जा रहा है कि आरोपी के संपर्क में 12 से अधिक युवक-युवतियां थे, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल थीं।
पुलिस जांच में जुटी
मामले के सामने आने के बाद पुलिस आरोपों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पीड़िताओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने कितने लोगों को अपने प्रभाव में लिया और उसके खिलाफ पहले से कोई शिकायत दर्ज है या नहीं।
सोशल मीडिया के जरिए बढ़ता प्रभाव बना चिंता का विषय
इस मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों को प्रभावित कर धार्मिक या आध्यात्मिक पहचान का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने और किसी भी असामान्य गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की जरूरत है।फिलहाल, पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है।