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कानपुर में पति-पत्नी और बेटे की हत्या के बाद आत्महत्या, जांच में सट्टा और जुआ की लत सामने

 

उत्तर प्रदेश के तुलसियापुर इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक रिटायर्ड फौजी चेतराम पासवान ने अपनी पत्नी और बेटे की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को ट्रेन के नीचे लेटकर आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में अब इस घटना के पीछे चेतराम की जुआ और सट्टे की लत सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, चेतराम जुए और सट्टे का आदी था। इसी लत के चलते वह कर्जदार हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए उसे पहले अपने घर को बेचना पड़ा और फिर एक बीघा खेत तक बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार पहले भी आर्थिक दबाव में था और इस वजह से तनाव लगातार बढ़ता गया।

पुलिस ने चेतराम के मोबाइल फोन जब्त कर उसमें सट्टे और जुए से जुड़े कई साक्ष्य पाए हैं। मोबाइल की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि चेतराम काफी समय से जुआ खेल रहा था और लगातार कर्ज में फंसा हुआ था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला केवल घरेलू विवाद नहीं, बल्कि आर्थिक और मानसिक दबाव का परिणाम भी है।

स्थानीय पड़ोसी और परिवारजन इस घटना से स्तब्ध हैं। उनका कहना है कि चेतराम का व्यवहार पहले भी अनियमित और तनावग्रस्त था। जुए और सट्टे की लत ने न केवल उसके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया, बल्कि पूरे परिवार की जिंदगी को भी खतरे में डाल दिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि जुआ और सट्टा समाज में धीरे-धीरे आर्थिक और मानसिक संकट पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज को इस तरह की आदतों पर नजर रखनी चाहिए और समय पर चेतावनी और मदद प्रदान करनी चाहिए।

पुलिस ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि चेतराम के कर्ज, जुए और सट्टे के लेन-देन के सारे रिकॉर्ड इकट्ठा किए जा रहे हैं। इसके अलावा मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कर मामले की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इस घटना ने कानपुर में जुआ और सट्टे जैसी आदतों के खतरों को उजागर किया है। पुलिस और समाजसेवी दोनों ही इस बात पर जोर दे रहे हैं कि इस तरह के मामलों को रोकने के लिए समय रहते परिवार और अधिकारियों को सतर्क रहना चाहिए।

स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इस तरह के अपराध और आत्महत्याओं को रोकने के लिए आर्थिक संकट और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने परिवारों से अपील की है कि वे अपने सदस्यों की गतिविधियों पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराएँ।

कानपुर में यह मामला न केवल घरेलू हिंसा की गंभीरता को दिखाता है, बल्कि जुआ और सट्टे जैसी आदतों के खतरनाक परिणामों की चेतावनी भी है।