मिर्जापुर में पति-पत्नी के फांसी पर लटकने से गांव में हड़कंप
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चील्ह थाना क्षेत्र के श्रीपट्टी गांव में सोमवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उसी घर के एक कमरे में पति-पत्नी के शव फांसी के फंदे से लटकते पाए गए।
घटना की जानकारी होते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मृतकों की पहचान 27 वर्षीय रोहित विश्वकर्मा और उनकी 23 वर्षीय पत्नी सरस्वती के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस अभी भी पूरी तरह जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रोहित और सरस्वती का जीवन सामान्य दिखाई देता था और किसी तरह की विवाद या तनाव की कोई खुली जानकारी नहीं थी। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों पति-पत्नी अपने परिवार और पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध रखते थे। ऐसे में उनकी अचानक मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और घटना की वास्तविक वजह पता लगाने के लिए कई पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारी ने यह भी कहा कि घर के आस-पास लगे कैमरों और पड़ोसियों से पूछताछ की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना से पहले वहां क्या हालात थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, आत्महत्या के मामलों में अक्सर मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह, या आर्थिक समस्याएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए बड़ा सदमा है।
श्रीपट्टी गांव में सोमवार सुबह से ही लोगों का आना-जाना लगा हुआ था। कई लोग पुलिस और परिजनों के साथ बातचीत करने पहुंचे और दोनों की असामयिक मौत पर शोक व्यक्त किया। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी परिवार के सदस्यों को मानसिक सहारा देने की अपील की।
पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और जांच में सहयोग करें। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि दोनों मृतकों के परिवार को हर संभव सहायता और सुरक्षा मिले।
घटना ने एक बार फिर समाज में मानसिक स्वास्थ्य और तनाव से जुड़ी समस्याओं की ओर ध्यान खींचा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक तनाव के कारण कई बार लोग इस तरह के अति कदम उठाते हैं और समय रहते ही उचित मदद मिलने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
मिर्जापुर जिले में यह घटना आत्महत्या के मामलों में एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार जांच में लगे हैं और घटना के कारणों को स्पष्ट करने के लिए हर पहलू का विश्लेषण कर रहे हैं।
इस घटना ने श्रीपट्टी गांव और आसपास के इलाकों में शोक और चिंता की लहर पैदा कर दी है। स्थानीय लोग और प्रशासन दोनों इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जा सकें।