गोरखपुर के 233 राजस्व गांवों में अब बन सकेंगे घर, भवनों के नक्शे होंगे पास; विकास प्राधिकरण ने दूर की बड़ी अड़चन
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के सीमा विस्तार के बाद प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल किए गए 233 राजस्व गांवों के लोगों के लिए राहत की खबर है। अब इन गांवों में भवनों के मानचित्र स्वीकृत हो सकेंगे। लंबे समय से अलग महायोजना नहीं होने के कारण इन नए क्षेत्रों में भवन निर्माण से जुड़े नक्शों की स्वीकृति की प्रक्रिया अटकी हुई थी।
2020 में हुआ था सीमा विस्तार
गोरखपुर विकास प्राधिकरण के क्षेत्र का विस्तार वर्ष 2020 में किया गया था। इस दौरान पिपराइच और पीपीगंज नगर पंचायत के साथ मुंडेरा बाजार नगर पंचायत तथा कुल 233 राजस्व गांवों को भी प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल किया गया था।सीमा विस्तार के बाद इन क्षेत्रों को नियोजित विकास के दायरे में तो लाया गया, लेकिन इनके लिए अलग महायोजना तैयार नहीं होने के कारण भवनों के मानचित्र स्वीकृत कराने में समस्या आ रही थी। इससे स्थानीय लोगों को अपने मकान और अन्य भवनों के निर्माण के लिए अनुमति लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
महायोजना नहीं होने से अटकी थी प्रक्रिया
प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल होने के बाद नए क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए नियमानुसार मानचित्र स्वीकृत कराना जरूरी हो गया था। लेकिन संबंधित क्षेत्रों की महायोजना स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होने के कारण नक्शों को मंजूरी देने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी।इस स्थिति से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही थी, जो अपने भूखंड पर मकान या अन्य निर्माण कार्य शुरू करना चाहते थे। लंबे समय से लोग इस समस्या के समाधान की उम्मीद लगाए हुए थे।
अब नक्शे पास होने का रास्ता साफ
अब नए क्षेत्रों में भवनों के मानचित्र स्वीकृत किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। इससे पिपराइच, पीपीगंज और मुंडेरा बाजार नगर पंचायतों के साथ प्राधिकरण में शामिल 233 राजस्व गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।भवन मानचित्र स्वीकृत होने के बाद लोग निर्धारित नियमों और भवन निर्माण मानकों का पालन करते हुए अपने भूखंड पर निर्माण करा सकेंगे। इससे इन इलाकों में अनियोजित निर्माण पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।
नियोजित विकास को मिलेगा बढ़ावा
प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल गांवों में नक्शा स्वीकृति की व्यवस्था शुरू होने से विकास कार्यों को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है। भवन निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन होने से सड़क, आवासीय क्षेत्र और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास की योजना बनाना आसान होगा।नए क्षेत्रों के लोगों के लिए यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब उन्हें भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने में पहले जैसी अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे गोरखपुर विकास प्राधिकरण के विस्तारित क्षेत्र में नियोजित और व्यवस्थित शहरी विकास को गति मिलने की संभावना है।