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NEET-UG में 91% आरक्षण पर हाईकोर्ट की रोक, MBBS दाखिले अंतिम आदेश के अधीन; काउंसलिंग रहेगी जारी

 

उत्तर प्रदेश में NEET-UG के तहत MBBS दाखिले से जुड़ा अहम मामला सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बुधवार को MBBS प्रवेश में लागू 91 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान पर रोक लगा दी है। हालांकि कोर्ट ने काउंसलिंग प्रक्रिया को रोकने से इनकार किया है। यानी काउंसलिंग निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी रह सकती है, लेकिन इसके आधार पर होने वाले सभी दाखिले हाईकोर्ट के अंतिम आदेश के अधीन रहेंगे।

अदालत के इस आदेश के बाद NEET-UG के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीटों पर प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों की प्रक्रिया पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। फिलहाल काउंसलिंग जारी रहने से अभ्यर्थियों को प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा, लेकिन सीट आवंटन और दाखिले की स्थिति अंतिम न्यायिक निर्णय से जुड़ी रहेगी।

मामला MBBS दाखिले में लागू 91 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था से संबंधित है। इस व्यवस्था को लेकर अदालत में चुनौती दी गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए लखनऊ बेंच ने आरक्षण प्रावधान पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया। अदालत ने साथ ही यह स्पष्ट किया कि काउंसलिंग की प्रक्रिया जारी रह सकती है।

कोर्ट के आदेश का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि काउंसलिंग के आधार पर होने वाले दाखिलों को अंतिम आदेश से जोड़ दिया गया है। इसका मतलब है कि अभी होने वाले प्रवेश को पूरी तरह अंतिम नहीं माना जाएगा। मामले में आगे होने वाली सुनवाई और हाईकोर्ट के अंतिम फैसले के बाद ही दाखिलों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

NEET-UG देश की प्रमुख मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। इसके माध्यम से MBBS समेत मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होते हैं और मेडिकल कॉलेजों में सीमित सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। ऐसे में आरक्षण और सीट आवंटन से जुड़े किसी भी बदलाव का अभ्यर्थियों पर सीधा असर पड़ता है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर आगे होने वाली सुनवाई पर रहेगी। काउंसलिंग में शामिल होने वाले छात्रों को फिलहाल संबंधित प्राधिकरण की ओर से जारी कार्यक्रम और निर्देशों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करनी होगी। साथ ही दाखिले से जुड़ी स्थिति को लेकर कोर्ट के अंतिम आदेश का इंतजार करना होगा।

इस मामले में अदालत की अंतरिम व्यवस्था फिलहाल 91 प्रतिशत आरक्षण वाले प्रावधान पर रोक से जुड़ी है। काउंसलिंग जारी रखने का निर्देश दिया गया है, जबकि इसके आधार पर होने वाले दाखिले अंतिम न्यायिक निर्णय के अधीन रहेंगे। इसलिए अभ्यर्थियों के लिए आगामी कोर्ट आदेश और आधिकारिक काउंसलिंग अपडेट पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।