आधी रात बेटी की चीख सुनकर कमरे में पहुंची मां, सामने कट्टा ताने खड़ा था युवक; खून से सने कपड़े देख उड़ गए होश
आधी रात घर में अचानक बेटी की चीख सुनकर मां घबराकर उसके कमरे की तरफ दौड़ी। जैसे ही उसने कमरे का दरवाजा खोला, सामने का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। कमरे में एक युवक कथित तौर पर कट्टा ताने खड़ा था, जबकि बेटी दर्द से कराह रही थी और उसके कपड़ों पर खून लगा हुआ था। मां को घटना की गंभीरता समझने में देर नहीं लगी।
बताया जा रहा है कि महिला ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन हथियार होने के कारण वह उसे रोक नहीं सकी। मौका पाकर युवक वहां से फरार हो गया। घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल है।
बेटी की चीख सुनकर कमरे में पहुंची मां
घटना रात के समय हुई। घर में सब कुछ सामान्य था, तभी बेटी की चीख सुनकर मां की नींद खुल गई। वह तुरंत बेटी के कमरे की ओर पहुंची। दरवाजा खोलते ही उसने एक युवक को कथित तौर पर हथियार के साथ देखा।
कमरे में बेटी घायल अवस्था में थी। उसके कपड़ों पर खून लगा हुआ था। मां ने जब बेटी को इस हालत में देखा तो वह घबरा गई। इसी दौरान युवक ने कथित तौर पर हथियार दिखाकर डराया और वहां से भाग निकला।
आरोपी को पकड़ नहीं पाई मां
घटना के बाद मां ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उसके हाथ में हथियार होने के कारण वह जोखिम नहीं उठा सकी। आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद परिवार ने पुलिस को घटना की सूचना दी।
पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान और उसकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दिए जाने की बात सामने आई है।
पीड़िता का कराया गया मेडिकल
घटना के बाद पीड़िता को उपचार और चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है।
मामले में पुलिस की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। आरोपी के खिलाफ पीड़िता और परिवार की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
परिवार में दहशत का माहौल
घटना के बाद परिवार के लोग सदमे में हैं। घर में घुसकर वारदात किए जाने और आरोपी के हथियार लेकर आने से आसपास के लोगों में भी चिंता का माहौल है। परिवार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता की पहचान और घटना से जुड़े संवेदनशील विवरणों को सार्वजनिक करने से बचना जरूरी है।