×

उत्तर प्रदेश दिवस पर अलंकरण समारोह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रतिभाओं को किया सम्मानित

 

उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर रविवार को राजधानी लखनऊ स्थित जनभवन में एक भव्य अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति विभाग द्वारा किया गया, जिसमें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित किया। समारोह में कला, संस्कृति, साहित्य, नाट्य, खेल के साथ-साथ बौद्ध और जैन दर्शन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मान प्रदान किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक, बौद्धिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहां की परंपराएं, कला और साहित्य देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अपनी पहचान रखते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज को प्रेरणा देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करना न केवल उनका उत्साह बढ़ाता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

राज्यपाल ने सम्मानित किए गए सभी कलाकारों, साहित्यकारों, खिलाड़ियों और विचारकों को बधाई देते हुए कहा कि इन लोगों ने अपने सतत प्रयासों और समर्पण से प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने विशेष रूप से बौद्ध और जैन दर्शन के क्षेत्र में कार्य करने वाले विद्वानों की भूमिका की सराहना की और कहा कि इन दर्शनों ने समाज को अहिंसा, करुणा और शांति का संदेश दिया है, जो आज के समय में और भी प्रासंगिक हो गया है।

अलंकरण समारोह के दौरान संस्कृति विभाग की ओर से सम्मानित व्यक्तियों के कार्यों और उपलब्धियों का संक्षिप्त परिचय भी प्रस्तुत किया गया। सम्मान स्वरूप अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया, जिसने समारोह को और भी गरिमामय बना दिया।

इस अवसर पर संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कला और साहित्य जगत से जुड़े गणमान्य लोग, खिलाड़ी, शिक्षाविद् और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने राज्यपाल के इस प्रयास की सराहना की और इसे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

समारोह के अंत में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि प्रदेश की उपलब्धियों पर चिंतन करने और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि सम्मानित प्रतिभाएं आगे भी समाज और देश के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी और उत्तर प्रदेश की गरिमा को और ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।