Gorakhpur News: स्कूल जाने से बचने के लिए 12 साल के बच्चे ने रची अपहरण की कहानी, मां और मामा को किया परेशान
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 12 साल के बच्चे ने स्कूल जाने से बचने के लिए खुद के अपहरण की झूठी कहानी रच दी। गर्मियों की छुट्टियां खत्म होने के बाद स्कूल जाने के डर से बच्चे ने ऐसा ड्रामा किया कि परिवार के साथ-साथ पुलिस भी कुछ समय के लिए परेशान हो गई।
मामला सामने आने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। पुलिस और परिवार की जांच में खुलासा हुआ कि बच्चे के अपहरण की बात पूरी तरह से झूठी थी और उसने पढ़ाई से बचने के लिए यह पूरी कहानी बनाई थी।
छुट्टियां खत्म होने के बाद शुरू हुआ ड्रामा
जानकारी के अनुसार, गर्मियों की छुट्टियां खत्म होने के बाद बच्चे की मां उसे लेने के लिए उसकी नानी के घर पहुंची थीं। मंगलवार रात करीब 10 बजे मां अपने बेटे और भाई के साथ बाइक से ससुराल लौट रही थीं।
इसी दौरान रास्ते में बच्चे ने ऐसी कहानी बताई, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया। बच्चे ने दावा किया कि उसे कुछ लोगों ने अगवा कर लिया था। इसके बाद परिजनों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसकी तलाश और पूछताछ शुरू कर दी।
परिवार को दी अपहरण की झूठी जानकारी
बच्चे की बात सुनकर परिजन घबरा गए। उन्हें लगा कि कोई बड़ी अनहोनी हो गई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई और जांच शुरू की गई।
लेकिन जांच के दौरान बच्चे के बयान और घटनाक्रम में कई विरोधाभास सामने आए। पुलिस ने जब बच्चे से विस्तार से पूछताछ की तो उसने सच कबूल कर लिया।
स्कूल जाने से बचने के लिए बनाई योजना
पूछताछ में बच्चे ने बताया कि वह स्कूल जाने से बचना चाहता था। छुट्टियां खत्म होने के बाद पढ़ाई शुरू होने को लेकर वह परेशान था और इसी वजह से उसने अपहरण की झूठी कहानी बना दी।
बच्चे की इस हरकत से परिवार हैरान रह गया। हालांकि, सच्चाई सामने आने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
पुलिस ने दी बच्चों को समझाने की सलाह
मामले के बाद पुलिस ने परिवार को सलाह दी कि बच्चों के व्यवहार और उनकी परेशानियों को समझना जरूरी है। कई बार बच्चे डर या दबाव में गलत कदम उठा लेते हैं।
अधिकारियों ने कहा कि बच्चों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जानना चाहिए, ताकि वे ऐसी गलतियां न करें।
मासूम की हरकत बनी चर्चा का विषय
गोरखपुर का यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक तरफ बच्चे की कल्पना और योजना ने सभी को चौंका दिया, वहीं दूसरी तरफ यह घटना अभिभावकों के लिए भी एक सीख है कि बच्चों की भावनाओं और डर को समझना बेहद जरूरी है।
फिलहाल मामला शांत हो गया है और परिवार बच्चे को समझाने में जुटा है। पुलिस ने भी बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की सलाह दी है।