राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच करीब एक महीने बाद अयोध्या लौटे गोपाल राव, चंपत राय से की मुलाकात
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के बीच मंदिर व्यवस्था से जुड़े रहे गोपाल राव करीब एक महीने बाद अयोध्या लौटे हैं। मंगलवार को अयोध्या पहुंचने के बाद उन्होंने रामलला के दर्शन किए और इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से एकांत में मुलाकात की। दोनों के बीच हुई बातचीत को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
गोपाल राव की अयोध्या वापसी ऐसे समय हुई है, जब राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच को लेकर लगातार गतिविधियां तेज हैं। विशेष जांच दल यानी एसआईटी की जांच में मंदिर व्यवस्था से जुड़े कई लोगों से पूछताछ हो चुकी है। इससे पहले गोपाल राव से भी एसआईटी पूछताछ कर चुकी है।
रामलला के दर्शन के बाद चंपत राय से मुलाकात
अयोध्या पहुंचने के बाद गोपाल राव सबसे पहले रामलला के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे। दर्शन के बाद उन्होंने चंपत राय से मुलाकात की। यह मुलाकात सार्वजनिक रूप से नहीं हुई और दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
चढ़ावा प्रकरण की जांच के बीच इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। हालांकि, मुलाकात को लेकर किसी तरह का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, इसलिए इसके उद्देश्य या बातचीत के विषय को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा।
एसआईटी पहले कर चुकी है पूछताछ
राम मंदिर के चढ़ावे और वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामले की जांच के दौरान एसआईटी ने गोपाल राव समेत ट्रस्ट से जुड़े प्रमुख लोगों से पूछताछ की थी। जुलाई में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव से दूसरी बार लंबी पूछताछ किए जाने की खबर सामने आई थी। जांच में उनकी निजी संपत्तियों और आय के स्रोतों से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी भी मांगे जाने की बात सामने आई थी।
इससे पहले पुलिस ने चंपत राय का बयान भी दर्ज किया था। अधिकारियों ने जांच जारी रहने की पुष्टि की थी।
जांच रिपोर्ट के बाद भी मामला चर्चा में
चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपे जाने की खबर भी सामने आई है। रिपोर्ट को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में चंपत राय और अनिल मिश्र को मामले में राहत मिलने की बात कही गई है, जबकि जांच से जुड़े अन्य पहलुओं पर कार्रवाई की चर्चा जारी है।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग को स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में जांच से जुड़े कई विवरण अभी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं हैं।
गोपाल राव की वापसी से बढ़ी हलचल
करीब एक महीने बाद गोपाल राव के अयोध्या लौटने और चंपत राय से निजी मुलाकात करने से मंदिर प्रशासन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, दोनों के बीच हुई बातचीत को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने तक किसी भी तरह की अटकल को तथ्य मानना उचित नहीं होगा।
फिलहाल चढ़ावा प्रकरण से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है। गोपाल राव की वापसी के बाद आने वाले दिनों में मंदिर व्यवस्था और जांच से जुड़े मामलों में कोई नया घटनाक्रम सामने आता है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।