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लखनऊ में गोमती नदी ने बढ़ाई चिंता, सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में भी पहुंचा बाढ़ का पानी; लाखों लोग प्रभावित

 

राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात अब उन इलाकों में भी बिगड़ने लगे हैं, जिन्हें अब तक अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा रहा था। गोमती नदी का पानी कई रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच गया है। बाढ़ के पानी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में ही फंसकर रह गए हैं।

शहर के कई इलाकों में पानी भरने से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों और गलियों में पानी जमा होने के कारण लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कई परिवार जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। वहीं, कुछ कॉलोनियों से लोगों के पलायन की स्थिति भी सामने आ रही है।

घरों में कैद हुए लाखों लोग

गोमती नदी का पानी रिहायशी इलाकों में पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। कई जगहों पर पानी घरों के आसपास और रास्तों में भर गया है। इससे लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है। जिन इलाकों में पहले बाढ़ का खतरा कम माना जा रहा था, वहां भी पानी पहुंचने से लोगों में डर का माहौल है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, लगातार बढ़ते पानी के कारण जरूरी सामान खरीदने या अन्य कामों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कई कॉलोनियों से शुरू हुआ पलायन

बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ कई कॉलोनियों में रहने वाले परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। लोग अपने जरूरी दस्तावेज, कपड़े और घरेलू सामान लेकर घर खाली कर रहे हैं। कुछ परिवार रिश्तेदारों के यहां पहुंच रहे हैं, जबकि कई लोग ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं।

बाढ़ के कारण प्रशासन के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ-साथ उनके लिए भोजन, पीने का पानी और रहने की व्यवस्था करना भी जरूरी हो गया है।

लगातार बिगड़ रहे हालात

गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर ने राजधानी के प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ का पानी लगातार नए इलाकों में पहुंच रहा है। ऐसे में आने वाले समय में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

फिलहाल प्रभावित इलाकों के लोग प्रशासन से राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग कर रहे हैं। लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगर पानी का स्तर और बढ़ा तो सुरक्षित माने जा रहे दूसरे रिहायशी इलाकों में भी बाढ़ का पानी घुस सकता है। राजधानी में बिगड़ते हालात के बीच अब सभी की नजर गोमती नदी के जलस्तर और प्रशासन की तैयारियों पर है।