लोकतंत्र की मजबूती का वैश्विक संदेश: यूपी के निर्वाचन अधिकारी जाएंगे इटली
उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले निर्वाचन अधिकारियों को अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रस्तुत करने का अवसर मिलने जा रहा है। राज्य के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), राज्यस्तरीय विशेषज्ञ प्रशिक्षक और जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) जल्द ही इटली के दौरे पर जाएंगे। यह प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के नेतृत्व में रवाना होगा।
बताया जा रहा है कि इस अंतरराष्ट्रीय दौरे का उद्देश्य भारत, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में अपनाई जा रही निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण और पारदर्शी चुनावी व्यवस्थाओं की जानकारी साझा करना है। इटली में आयोजित होने वाले विभिन्न सत्रों, कार्यशालाओं और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय प्रतिनिधिमंडल वहां के प्रशासनिक अधिकारियों, चुनाव विशेषज्ञों और संस्थाओं को लोकतंत्र के संचालन में भारत के अनुभवों से अवगत कराएगा।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश ने मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। इस अभियान में घर-घर जाकर सत्यापन, तकनीक का प्रभावी उपयोग, नागरिकों की भागीदारी और समयबद्ध कार्यप्रणाली को प्राथमिकता दी गई। इन्हीं प्रयासों के चलते कई बीएलओ, ईआरओ और जिला निर्वाचन अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए चुना गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इस अवसर को उत्तर प्रदेश और भारत दोनों के लिए गौरवपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि यह दौरा न केवल अधिकारियों के लिए एक सीखने का मंच होगा, बल्कि भारत की मजबूत लोकतांत्रिक परंपराओं को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का भी अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय निर्वाचन प्रणाली दुनिया की सबसे बड़ी और जटिल प्रणालियों में से एक है, और इसके सफल संचालन में जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारियों की भूमिका बेहद अहम है।
इटली दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल वहां की चुनावी प्रणाली, मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया और तकनीकी नवाचारों का भी अध्ययन करेगा। इससे दोनों देशों के बीच चुनाव प्रबंधन से जुड़े अनुभवों का आदान-प्रदान होगा, जिसका लाभ भविष्य में भारतीय चुनाव व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में मिल सकता है।
राज्य के प्रशासनिक और निर्वाचन अधिकारियों में इस चयन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने काम को प्रस्तुत करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि इससे प्रदेश के अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
कुल मिलाकर, यह दौरा उत्तर प्रदेश की चुनावी व्यवस्थाओं की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली की मजबूती का संदेश वैश्विक समुदाय तक पहुंचेगा और उत्तर प्रदेश एक बार फिर सुशासन व पारदर्शिता के उदाहरण के रूप में सामने आएगा।