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गाजियाबाद की दरोगा अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता गोल्ड, जीत के बाद छलके आंसू

 

कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में भारत के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खास रहा। उत्तर प्रदेश पुलिस की सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) अस्मिता डे ने जूडो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने कनाडा की खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक जीता।

गोल्ड मेडल जीतने के बाद अस्मिता डे भावुक हो गईं। पोडियम पर खड़े होकर उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बाद उनका यह भावुक पल सभी के लिए यादगार बन गया।

कनाडाई खिलाड़ी को हराकर हासिल की जीत

जूडो के फाइनल मुकाबले में अस्मिता डे का सामना कनाडा की खिलाड़ी से हुआ। भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआत से ही शानदार रणनीति और आत्मविश्वास के साथ मुकाबला किया। उन्होंने बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम किया और गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।

अस्मिता की इस जीत के साथ ही भारत के पदक अभियान को भी मजबूती मिली है। उनके प्रदर्शन की खेल जगत में जमकर सराहना हो रही है।

त्रिपुरा की रहने वाली हैं अस्मिता डे

अस्मिता डे मूल रूप से त्रिपुरा की रहने वाली हैं। वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं और गाजियाबाद में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

पुलिस की नौकरी के साथ-साथ उन्होंने अपने खेल करियर को भी जारी रखा। कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मुकाम हासिल किया है।

जीत के बाद भावुक हुईं अस्मिता

गोल्ड मेडल मिलने के बाद अस्मिता डे अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाईं। आंखों में आंसू लिए उन्होंने इस उपलब्धि को देश और अपने परिवार को समर्पित किया। उनके इस भावुक पल ने वहां मौजूद लोगों का भी ध्यान खींचा।

उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि जिम्मेदारियों के साथ मेहनत और लगन से बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।

यूपी पुलिस में खुशी का माहौल

अस्मिता डे की इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश पुलिस में भी खुशी का माहौल है। पुलिस अधिकारियों और साथी कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी है। विभाग ने उनकी जीत को गौरव का क्षण बताया है।

कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। जूडो में अस्मिता डे का गोल्ड मेडल भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है। उनकी यह सफलता देशभर के खिलाड़ियों, खासकर महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है।