बाराबंकी में घाघरा नदी खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर, सैकड़ों गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा
नेपाल से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण बाराबंकी में घाघरा यानी सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी खतरे के निशान से करीब 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे जिले की रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्रों के सैकड़ों गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ गया है।नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता
घाघरा नदी का पानी बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। ग्रामीणों को घरों, खेतों और पशुओं की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।कई निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका बनी हुई है। वहीं, नदी के तेज बहाव के कारण कटान का खतरा भी बढ़ गया है। इससे किसानों की जमीन और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
नेपाल से छोड़े पानी का असर
बताया जा रहा है कि नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बाद वहां से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिसका असर घाघरा नदी के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है।जलस्तर बढ़ने के कारण नदी का बहाव तेज हो गया है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया है। राहत और बचाव से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें।फिलहाल घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। प्रशासन की नजर जलस्तर में हो रहे बदलाव पर बनी हुई है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को समय पर मदद पहुंचाई जा सके।