गोंडा में घाघरा नदी उफान पर, खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर; 15 हजार आबादी प्रभावित
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी का पानी खतरे के निशान से करीब 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इसके चलते जिले के कई गांव और मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित बताई जा रही है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए टीमें सक्रिय कर दी गई हैं।
20 मजरे बाढ़ की चपेट में
घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से गोंडा के कई ग्रामीण इलाकों में पानी पहुंच गया है। करीब 20 मजरे बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर लोगों के घरों और खेतों तक पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई रास्तों पर पानी भरने से संपर्क प्रभावित हुआ है।
15 हजार लोगों पर बाढ़ का असर
प्रशासन के अनुसार, बाढ़ से करीब 15 हजार लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन और पेयजल की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंचने के बाद प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।
अधिकारियों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं और हालात का जायजा ले रही हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा।
किसानों की बढ़ी चिंता
बाढ़ के पानी से खेतों में भी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। कई किसानों की फसलें प्रभावित हो सकती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मदद की मांग की है।
फिलहाल घाघरा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है।