गोंडा में घाघरा नदी उफान पर, 15 से ज्यादा गांवों पर बाढ़ का खतरा; 30 हजार आबादी प्रभावित होने की आशंका
गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे तक कर्नलगंज और तरबगंज तहसील क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा बन गया। इन गांवों में रहने वाली करीब 30 हजार की आबादी को नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता सताने लगी है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण नदी उफान पर है। यदि अगले चार दिनों तक इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो कई गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को संभावित खतरे को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कर्नलगंज और तरबगंज तहसील क्षेत्र के नदी किनारे बसे गांवों में प्रशासन की नजर बनी हुई है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ रहा है। ग्रामीणों को अपने जरूरी सामान और पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क रहने को कहा जा रहा है।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने राजस्व और अन्य संबंधित विभागों की टीमों को सक्रिय किया है। संवेदनशील क्षेत्रों में नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।
घाघरा नदी का पानी बढ़ने से खेतों में भी खतरा बढ़ गया है। यदि नदी का जलस्तर और बढ़ता है तो बड़ी मात्रा में कृषि भूमि प्रभावित हो सकती है। इससे खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों की चिंता इस बात को लेकर भी है कि लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं।
प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव की तैयारियों की समीक्षा कर रहा है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए इंतजाम किए जा सकते हैं। बाढ़ चौकियों और राहत शिविरों की व्यवस्था को भी सक्रिय रखने पर जोर दिया जा रहा है।
ग्रामीणों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को नदी के किनारे नहीं जाने देने की अपील की जा रही है। जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने की स्थिति में प्रशासन की चेतावनी का पालन करने को कहा गया है।
फिलहाल घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर ने गोंडा के कर्नलगंज और तरबगंज क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। 15 से अधिक गांवों की करीब 30 हजार आबादी पर संभावित बाढ़ का खतरा बना हुआ है। अगले चार दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो कई गांव प्रभावित हो सकते हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।