जर्मन दूल्हे ने विदेश में नौकरी कर रही प्रोफेसर रूलन वर्मा से रचा अंतरराष्ट्रीय विवाह, बारात लेकर पहुंचे 16 रिश्तेदार
यूपी के बाराबंकी जिले में एक अंतरराष्ट्रीय शादी ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। विदेश में नौकरी कर रहे जर्मन युवक मारकस ने बाराबंकी की रहने वाली प्रोफेसर बेटी रूलन वर्मा से शादी की।
रूलन वर्मा पेशे से इंजीनियर पिता की बेटी हैं और उन्होंने फ्रांस से पीएचडी की है। जर्मन दूल्हा मारकस और उनके परिवार ने भारत में रूलन से शादी करने के लिए विशेष तैयारी की। मारकस अपने माता-पिता समेत 16 विदेशी रिश्तेदारों के साथ बारात लेकर भारत आए।
शादी का समारोह बाराबंकी के एक बड़े समारोह स्थल पर संपन्न हुआ। समारोह में परिवार, रिश्तेदार और स्थानीय गणमान्य लोग शामिल हुए। शादी के अवसर पर दोनों परिवारों ने संस्कृति और परंपरा का मिश्रण पेश किया। जर्मन दूल्हा और भारतीय दुल्हन की यह जोड़ी अंतरराष्ट्रीय विवाह का प्रतीक बन गई।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह शादी बाराबंकी समेत आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। कई लोगों ने शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए, जिससे यह समारोह वायरल हो गया।
रूलन वर्मा की शिक्षा और पेशेवर उपलब्धियों के कारण भी यह विवाह खास है। उन्होंने इंजीनियरिंग में करियर बनाने के बाद फ्रांस से पीएचडी पूरी की, और विदेश में नौकरी के दौरान जर्मन युवक मारकस से उनका परिचय हुआ। दोनों के परिवारों ने लंबे समय तक संबंध और सांस्कृतिक समझ बनाने के बाद विवाह का निर्णय लिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय शादी दो देशों की सांस्कृतिक और सामाजिक कड़ी को मजबूत करती है। इसके अलावा, यह विवाह युवा पीढ़ी को वैश्विक दृष्टिकोण और पारस्परिक सम्मान की शिक्षा भी देता है।
शादी समारोह में भारतीय और जर्मन परंपराओं का सुंदर मिश्रण देखने को मिला। बारात, संगीत और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ-साथ जर्मन संस्कृति के तत्वों और परंपराओं को भी समारोह में शामिल किया गया।
रूलन वर्मा के पिता ने इस अवसर पर कहा कि यह विवाह दो परिवारों और दो देशों को जोड़ने वाला अनुभव है। उन्होंने यह भी कहा कि मारकस और उनका परिवार भारत आने और समारोह को भव्य बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध थे।
इस विवाह ने न केवल बाराबंकी बल्कि आसपास के गांव और कस्बों में भी उत्साह और जिज्ञासा पैदा कर दी है। स्थानीय समाज ने इसे सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा है कि शिक्षा, करियर और पारिवारिक मूल्यों के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रेम और विवाह संभव है।
कुल मिलाकर, बाराबंकी की रहने वाली प्रोफेसर रूलन वर्मा और जर्मन युवक मारकस की शादी संस्कृति, शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का जीवंत उदाहरण बन गई है। यह विवाह न केवल परिवारों को बल्कि पूरे क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर रहा है।