×

पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर का छलका दर्द, बोले- पार्टी कार्यक्रमों में नहीं मिलता बुलावा; बेटे के टिकट के लिए भी की पैरवी

 

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने एक बार फिर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों में अब पहले की तुलना में काफी कम बुलाया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने अपने बेटे विकास किशोर के लिए भाजपा से टिकट की मांग को लेकर भी खुलकर अपनी बात रखी है।

कौशल किशोर के इस बयान के बाद भाजपा के अंदरखाने की सियासत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उन्होंने अपनी उपेक्षा का मुद्दा उठाते हुए पार्टी के मौजूदा हालात पर सवाल खड़े किए हैं।

पार्टी कार्यक्रमों में कम बुलाए जाने का जताया दर्द

पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि वह लंबे समय से भाजपा के लिए काम करते रहे हैं, लेकिन अब उन्हें पार्टी के कई कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं किया जाता।

उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी पहले की तरह नहीं रहती। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता हैं और पार्टी के लिए लगातार काम करते रहेंगे।

बेटे विकास किशोर के टिकट को लेकर सक्रिय

कौशल किशोर अब अपने बेटे विकास किशोर के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने भाजपा से विकास किशोर को टिकट देने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि विकास किशोर भी लंबे समय से संगठन और क्षेत्र में सक्रिय हैं। ऐसे में पार्टी को उनके नाम पर विचार करना चाहिए।

कौशल किशोर की रही है लंबी राजनीतिक पारी

कौशल किशोर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं। वह केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और लखनऊ क्षेत्र की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

उन्होंने सांसद के तौर पर भी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। दलित समाज में भी उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है और वह लंबे समय से सामाजिक व राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं।

बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज

कौशल किशोर के इस बयान के बाद भाजपा की आंतरिक राजनीति को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक जानकार इसे पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की भूमिका और आगामी चुनावी समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।

हालांकि, कौशल किशोर ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ कोई सीधा हमला नहीं किया है। उन्होंने केवल अपनी स्थिति और बेटे के राजनीतिक भविष्य को लेकर अपनी बात रखी है।

अब देखना होगा कि भाजपा नेतृत्व इस मामले पर क्या रुख अपनाता है और विकास किशोर को लेकर पार्टी की रणनीति क्या रहती है। फिलहाल कौशल किशोर के बयान ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।