IAS की तैयारी कर रहे छात्र की मौत के मामले में हत्या की FIR दर्ज, पिता का आरोप- हत्या कर शव पंखे से लटकाया
IAS अधिकारी बनने का सपना लेकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अब हत्या की FIR दर्ज की गई है। छात्र के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या करने के बाद शव को पंखे से लटका दिया गया था। पिता का यह भी कहना है कि शिकायत लेकर थाने पहुंचने के बावजूद पुलिस ने सात दिनों तक उन्हें चक्कर लगवाए, जिसके बाद हत्या का मामला दर्ज हुआ।
इस घटनाक्रम के बाद छात्र की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। परिवार शुरू से ही इसे आत्महत्या के बजाय हत्या का मामला बता रहा था। अब हत्या की FIR दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।
पिता ने हत्या कर शव लटकाने का लगाया आरोप
छात्र के पिता का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या की गई और बाद में मामले को आत्महत्या दिखाने के लिए उसके शव को पंखे से लटका दिया गया। परिवार ने घटना को लेकर पुलिस से शिकायत की थी और मामले में हत्या की FIR दर्ज करने की मांग की थी।
पिता के मुताबिक, वे लगातार थाने के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। उनका दावा है कि करीब सात दिनों तक पुलिस ने उन्हें परेशान किया। इसके बाद मामले में हत्या की FIR दर्ज की गई।
सात दिन बाद दर्ज हुई FIR
परिवार की ओर से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। पिता का कहना है कि बेटे की मौत के मामले में शुरुआत से ही उन्हें संदेह था और वे हत्या की आशंका जता रहे थे। इसके बावजूद शिकायत दर्ज कराने के लिए उन्हें कई दिन इंतजार करना पड़ा।
हत्या की FIR दर्ज होने के बाद अब जांच की दिशा महत्वपूर्ण होगी। पुलिस को घटनास्थल की परिस्थितियों, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मौत की वास्तविक वजह का पता लगाना होगा।
जांच से सामने आएगी मौत की असली वजह
किसी व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्य जांच में अहम भूमिका निभाते हैं। पुलिस यह पता लगाएगी कि छात्र की मौत हत्या थी या आत्महत्या और शव को पंखे से लटकाए जाने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।
फिलहाल पिता के आरोप और हत्या की FIR दर्ज होने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। पुलिस जांच के निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्यों से ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।