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बिजनौर में किसानों ने उठाई ₹500 प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य की मांग, समिति कार्यालय पर दिया धरना

 

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में किसानों ने गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 500 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने गन्ना समिति कार्यालय पर एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने सरकार से गन्ने का उचित मूल्य तय करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। खाद, बीज, कीटनाशक, सिंचाई और कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाले डीजल की कीमतों का असर खेती के खर्च पर पड़ रहा है। ऐसे में मौजूदा गन्ना मूल्य से किसानों को पर्याप्त आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि गन्ने की खेती में मेहनत और लागत दोनों अधिक लगती हैं, इसलिए उसका मूल्य भी उसी हिसाब से तय किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

किसानों ने गन्ना समिति कार्यालय पर धरना देकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि गन्ने का उचित मूल्य मिलने से किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी और खेती से होने वाली आय में सुधार हो सकेगा।

किसानों ने सरकार से उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उनका कहना है कि खेती-किसानी से जुड़े खर्च बढ़ने के कारण किसानों पर आर्थिक दबाव बना हुआ है। ऐसे में गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी जरूरी है।

गन्ना किसानों को फैसले का इंतजार

बिजनौर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में गन्ना प्रमुख नकदी फसल है। बड़ी संख्या में किसान अपनी आय के लिए गन्ने की खेती पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में गन्ने के मूल्य को लेकर होने वाले फैसले का सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ता है।

धरना-प्रदर्शन के माध्यम से किसानों ने सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश की है। अब किसानों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग उनकी मांग पर विचार करेंगे। हालांकि, ज्ञापन पर सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाएगा, इस संबंध में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।