लखनऊ के केजीएमयू में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, विश्वविद्यालय के नाम पर चल रहा था फर्जीवाड़ा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (King George's Medical University (KGMU)) से एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। खुद को डॉक्टर बताने वाले हसम अहमद को विश्वविद्यालय प्रशासन ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी पर आरोप है कि वह लंबे समय से विश्वविद्यालय के नाम और मुहर का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहा था। साथ ही वह मेडिकल कैंप आयोजित करने के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहा था और खुद को संस्थान से जुड़ा हुआ चिकित्सक बताता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने छात्रों, विशेषकर छात्राओं से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की और खुद को प्रभावशाली मेडिकल व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया। इस गतिविधि को विश्वविद्यालय प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू की, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
केजीएमयू प्रशासन ने पुष्टि की है कि आरोपी का विश्वविद्यालय से किसी भी प्रकार का आधिकारिक संबंध नहीं था। प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि वह फर्जी पहचान के आधार पर कई गतिविधियां संचालित कर रहा था।
घटना सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी के नेटवर्क तथा गतिविधियों की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला फर्जी पहचान, दस्तावेजों के दुरुपयोग और संभावित साइबर या ठगी गतिविधियों से भी जुड़ा हो सकता है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
फिलहाल, आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस फर्जीवाड़े में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
यह मामला एक बार फिर शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े और सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करता है।