नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन, वीडियो में देंखे कई इलाकों में भारी तोड़फोड़ और आगजनी
नोएडा में सोमवार को फैक्ट्री कर्मचारियों के बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिससे शहर के कई औद्योगिक इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर 9 अप्रैल से चल रहा आंदोलन अचानक उग्र हो गया, जब करीब 42 हजार कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और कई जगहों पर तोड़फोड़ शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित फैक्ट्रियों को निशाना बनाया। कई स्थानों पर पथराव और भारी तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शन के दौरान कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा, जिसमें दर्जनों कारों और अन्य गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। हालात इतने बिगड़ गए कि करीब 50 से अधिक वाहनों में आग लगाने की घटनाएं भी सामने आईं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को कई थानों से मौके पर बुलाया गया। हालांकि, हालात संभालने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर भी पथराव किया और कुछ पुलिस वाहनों को पलट दिया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाएगा, वे आंदोलन जारी रखेंगे। वहीं, प्रशासन ने स्थिति को गंभीर मानते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
पुलिस ने अब तक करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है और लगभग 60 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें किसी एक स्पष्ट नेतृत्व या चेहरे की पहचान नहीं हुई। बताया जा रहा है कि अधिकांश प्रदर्शनकारी 18 से 30 वर्ष की उम्र के युवा थे, जिन्होंने अचानक भीड़ के रूप में उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।
नोएडा एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन के अनुसार, इस हिंसा में 350 से अधिक उद्योगों को नुकसान पहुंचा है और लगभग 150 वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। उद्योग जगत ने इस घटना को गंभीर बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
फिलहाल नोएडा के कई औद्योगिक क्षेत्रों में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रशासन हालात को सामान्य करने में जुटा है।