रसिक दुलारी शरण की मौत में चश्मदीद का बड़ा खुलासा, सिर से बह रहा था खून; साधु उन्हें वहां से ले गए
वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। अब घटना के एक चश्मदीद ने उस सुबह का घटनाक्रम बताया है। चश्मदीद के मुताबिक, 25 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे एक तेज आवाज सुनाई दी। बाहर निकलकर देखने पर रसिक दुलारी शरण जमीन पर पड़े थे और उनके सिर से खून बह रहा था। चश्मदीद छोटू ने बताया कि वह उस समय खाना खा रहा था। अचानक तेज आवाज सुनाई दी तो वह अपने घर से बाहर आया। वहां उसने रसिक दुलारी शरण को घायल हालत में जमीन पर पड़ा देखा। उनके सिर से तेजी से खून निकल रहा था। उसने रसिक के पास जाने की कोशिश की, लेकिन तभी आश्रम से जुड़े कुछ साधु-संत वहां पहुंच गए।
साधुओं ने पास जाने से रोका
चश्मदीद के अनुसार, वह रसिक दुलारी शरण की स्थिति देखने और उनकी मदद करने के लिए उनके पास जाना चाहता था। हालांकि, मौके पर पहुंचे लोगों ने उसे पास जाने नहीं दिया। इसके बाद आश्रम से जुड़े करीब पांच लोग रसिक को एक निजी गाड़ी में लेकर वहां से चले गए। चश्मदीद यह स्पष्ट नहीं कर सका कि उस समय रसिक जीवित थे या नहीं। इस बयान के सामने आने के बाद घटना के शुरुआती घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब चश्मदीद के बयान के साथ-साथ घटनास्थल और CCTV फुटेज की भी जांच कर रही है।
CCTV और फोरेंसिक जांच पर नजर
रसिक दुलारी शरण की मौत की जांच में CCTV फुटेज भी अहम साक्ष्य है। पुलिस ने आश्रम और आसपास के कैमरों की फुटेज खंगाली है। रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में रसिक दुलारी शरण को चौथी मंजिल से नीचे गिरते हुए देखा गया था।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी शरीर पर कई गंभीर चोटें सामने आई हैं। पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। रिपोर्टों के अनुसार, मौत अधिक रक्तस्राव के कारण हुई थी। फिलहाल पुलिस घटना से पहले और बाद के पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी है। चश्मदीद का बयान, CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही रसिक दुलारी शरण की मौत की परिस्थितियों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।