इटावा में 10 साल पुराने दहेज हत्या मामले में फैसला, पति को 10 वर्ष का कठोर कारावास और 6 हजार रुपये जुर्माना
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में करीब 10 वर्ष पुराने दहेज हत्या के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। एडीजे, एफटीसी-1 न्यायालय इटावा ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषी पर 6 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला थाना इकदिल क्षेत्र के लोहिया दौलतपुर निवासी अवधेश कुमार पुत्र बैजल सिंह से जुड़ा हुआ है। आरोपी पति पर दहेज हत्या का आरोप था। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी और जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पति को दोषी माना।
अदालत ने दहेज हत्या जैसे गंभीर अपराध को देखते हुए आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 6 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ सकता है।
फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने न्यायालय के निर्णय पर संतोष जताया है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने इसे न्याय की जीत बताया। उनका कहना है कि मजबूत पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा दिलाई जा सकी।
गौरतलब है कि दहेज हत्या के मामलों में कानून काफी सख्त है। विवाह के कुछ वर्षों के भीतर महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने पर जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है।
अदालत के इस फैसले से एक बार फिर यह संदेश गया है कि दहेज जैसी सामाजिक कुरीति और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में दोषियों को कानून के तहत सजा दी जाएगी। पुलिस और अभियोजन विभाग ने भी गंभीर मामलों में प्रभावी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।