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केरल में बुजुर्ग महिला ने स्कूटी सवार को फुटपाथ का गलत इस्तेमाल करने से रोका, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

 

आम तौर पर देखा जाता है कि जब कोई सार्वजनिक जगह पर नियमों का उल्लंघन करता है, तो लोग इसे देखकर अक्सर इग्नोर कर देते हैं। उनका सोचने का तरीका होता है, “हमें इससे क्या मतलब?” या “यह हमारी समस्या नहीं है।” लेकिन कई बार ऐसे भी मामले सामने आते हैं जब लोग खड़े होकर गलत करने वाले को सबक सिखाते हैं और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं।

हाल ही में ऐसा ही एक मामला केरल के कोझिकोड जिले से सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बुजुर्ग महिला फुटपाथ पर स्कूटी चलाने वाले व्यक्ति को रोकती हैं। वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि महिला ने बिना किसी डर के स्कूटी सवार से बात की और उसे फुटपाथ का गलत इस्तेमाल करने से रोका।

वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने महिला की बहादुरी और सजगता की सराहना की। कई लोगों ने कमेंट में लिखा कि यह सिर्फ नियमों का पालन नहीं है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक जागरूकता का बेहतरीन उदाहरण है। कुछ ने तो इसे “सही समय पर सही कदम” बताया।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे उदाहरण समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। अक्सर लोग सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले नियमों के उल्लंघन को नजरअंदाज कर देते हैं। फुटपाथ पर स्कूटी चलाना केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह पैदल चलने वालों के लिए खतरे का कारण भी बन सकता है। इस घटना में महिला ने ना सिर्फ नियमों की याद दिलाई, बल्कि समाज के लिए एक जिम्मेदार नागरिक होने का संदेश भी दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिला का साहस और दृढ़ता साफ झलक रही है। वीडियो में दिख रहा है कि महिला ने स्कूटी सवार को न केवल रोका, बल्कि शांत और समझाने वाले तरीके से उसे सही किया। इस प्रकार की घटनाएं यह साबित करती हैं कि किसी भी उम्र के लोग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने कई सवाल उठाए कि क्यों अधिकतर लोग ऐसे मामलों में चुप रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की सक्रिय नागरिक भागीदारी समाज में नियम पालन को बढ़ावा देती है और दूसरों को भी प्रेरित करती है कि वे भी अपने स्तर पर सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

अंततः यह घटना यह संदेश देती है कि अगर किसी ने भीड़ या उम्र के डर के बावजूद सही काम किया, तो समाज में बदलाव संभव है। बुजुर्ग महिला ने यह दिखाया कि हिम्मत, समझदारी और जिम्मेदारी किसी भी उम्र के व्यक्ति में हो सकती है और यह दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

इस वायरल वीडियो ने साफ कर दिया है कि समान जिम्मेदारी और जागरूकता से न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सकता है, बल्कि समाज में सुरक्षा और अनुशासन भी बढ़ाया जा सकता है