प्री-प्राइमरी शिक्षा को मजबूत करेगा ECCE कोर ग्रुप, आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूल परिसरों में किया जाएगा शिफ्ट
प्रदेश में प्री-प्राइमरी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और मजबूत बनाने के लिए नई पहल शुरू की जा रही है। सभी जिलों में छह सदस्यीय ईसीसीई (Early Childhood Care and Education) कोर ग्रुप का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं। यह समूह छोटे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था और स्कूलों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का काम करेगा।सरकार का उद्देश्य है कि तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाए और प्री-प्राइमरी कक्षाओं को और प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए ईसीसीई कोर ग्रुप जिले स्तर पर योजनाओं की निगरानी करेगा और जरूरी सुधारों को लागू कराने में मदद करेगा।
स्कूलों के पास संचालित आंगनबाड़ी केंद्र होंगे स्थानांतरित
नई व्यवस्था के तहत परिषदीय विद्यालयों के 200 मीटर के दायरे में चल रहे ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र, जो गैर-विभागीय भवनों में संचालित हैं, उन्हें विद्यालय परिसर में स्थानांतरित कराया जाएगा।इस कदम का उद्देश्य आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। स्कूल परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र आने से बच्चों को एक बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा और शिक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय भी बढ़ेगा।
छह सदस्यीय टीम करेगी निगरानी
जिलों में गठित होने वाला ईसीसीई कोर ग्रुप प्री-प्राइमरी शिक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर काम करेगा। यह समूह आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, बच्चों की उपस्थिति, शिक्षण गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करेगा।इसके अलावा समूह यह भी सुनिश्चित करेगा कि नई शिक्षा नीति के तहत प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के उद्देश्यों को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।
बच्चों को मिलेगा बेहतर शैक्षणिक माहौल
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के शुरुआती वर्षों में मजबूत नींव तैयार करना उनकी आगे की पढ़ाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार प्री-प्राइमरी शिक्षा को प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दे रही है।आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूल परिसरों में शिफ्ट करने से बच्चों को खेल आधारित शिक्षा, बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा। साथ ही अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
डिजिटल और तकनीकी व्यवस्था पर भी जोर
नई व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जाएगा। ईसीसीई कोर ग्रुप के माध्यम से योजनाओं की प्रगति पर नजर रखी जाएगी और जरूरत के अनुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप बनाया जाए। ईसीसीई कोर ग्रुप के गठन और आंगनबाड़ी केंद्रों के पुनर्गठन से प्री-प्राइमरी शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।