यूपी में दशहरा: कानपुर में 90 फीट का रावण जलेगा, लखनऊ में तलवार लहराते आएगा; काशी में ‘देशघाती कॉकरोच’ का होगा दहन
उत्तर प्रदेश में दशहरा और विजयादशमी के अवसर पर अलग-अलग शहरों में रावण दहन की तैयारियां की जा रही हैं। कानपुर में 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन आकर्षण का केंद्र रहेगा। वहीं, लखनऊ में तलवार लहराते हुए रावण के पुतले को लाने की तैयारी है। काशी में इस बार ‘देशघाती कॉकरोच’ के पुतले का दहन चर्चा में है।
दशहरा के मौके पर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में रामलीला, रावण दहन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में स्थानीय परंपराओं के साथ सामाजिक और राजनीतिक संदेश भी देखने को मिलते हैं।
कानपुर में 90 फीट के रावण का होगा दहन
कानपुर में दशहरा उत्सव के दौरान 90 फीट ऊंचा रावण का पुतला जलाया जाएगा। ऊंचे पुतले और दहन के आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। दशहरा मेले में रामलीला के मंचन और रावण दहन जैसे कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का केंद्र रहते हैं।
आयोजन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की तैयारियां महत्वपूर्ण रहेंगी। लोगों को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी यातायात और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का ध्यान रखना चाहिए।
लखनऊ में तलवार लहराते हुए आएगा रावण
लखनऊ में दशहरा आयोजन के दौरान रावण का पुतला तलवार लहराते हुए लाए जाने की तैयारी है। यह दृश्य कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण बन सकता है। रामलीला में रावण के पात्र को आम तौर पर शस्त्रों और पारंपरिक वेशभूषा के साथ दर्शाया जाता है।
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा के तहत रावण दहन के जरिए भगवान राम की विजय का मंचन किया जाता है।
काशी में ‘देशघाती कॉकरोच’ का दहन चर्चा में
काशी में ‘देशघाती कॉकरोच’ नाम से पुतला दहन किए जाने की बात सामने आई है। इस नाम को लेकर आयोजन चर्चा में है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि पुतला किस व्यक्ति, संगठन या विचारधारा के प्रतीक के तौर पर बनाया गया है। इसलिए इसके पीछे का उद्देश्य आयोजकों के बयान के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।
दशहरा पर अलग-अलग आयोजनों की तैयारी
उत्तर प्रदेश के इन शहरों में होने वाले आयोजन दशहरा उत्सव के अलग-अलग स्वरूप को सामने लाते हैं। कहीं ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा, तो कहीं रामलीला के विशेष दृश्य और प्रतीकात्मक पुतला दहन लोगों का ध्यान खींचेंगे।
दशहरा का धार्मिक महत्व बुराई पर अच्छाई की जीत से जुड़ा है। इस दिन लोग रावण दहन देखने के साथ परिवार और दोस्तों के साथ मेले तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी शामिल होते हैं।