मुरादाबाद में डीएम का अनोखा अंदाज: बैठक के दौरान बने योग गुरु, अफसरों को कराया योगाभ्यास
मुरादाबाद में मंगलवार को उस समय एक अलग और प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला जब जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने कलेक्ट्रेट में चल रही एक बैठक के दौरान अचानक योग का अभ्यास शुरू कर दिया। डीएम के इस अनोखे अंदाज ने बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों को हैरान कर दिया।
जानकारी के अनुसार, कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों की एक समीक्षा बैठक चल रही थी। इसी दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के महत्व पर जोर देते हुए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने खुद योगाभ्यास शुरू किया और बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों को भी उनके साथ योग करने के लिए प्रेरित किया।
डीएम ने सबसे पहले सरल प्राणायाम और श्वास अभ्यास से शुरुआत की और फिर कुछ बुनियादी योगासन भी कराए। बैठक में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी पहले तो थोड़े चकित हुए, लेकिन बाद में सभी ने उत्साह के साथ योगाभ्यास में भाग लिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बल्कि मानसिक शांति के लिए भी बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अपने व्यस्त कार्यभार के बीच रोजाना कुछ समय योग के लिए जरूर निकालें।
इस दौरान डीएम ने यह भी संदेश दिया कि प्रशासनिक कार्यों की दक्षता तभी बढ़ सकती है जब अधिकारी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हों। योग के माध्यम से कार्यक्षमता में सुधार संभव है और यह तनाव को कम करने में भी मदद करता है।
डीएम के इस व्यवहार की वहां मौजूद अधिकारियों ने सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक पहल बताया। कई अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के व्यवहार से कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनता है और टीम में ऊर्जा बढ़ती है।
कुल मिलाकर, मुरादाबाद में डीएम का यह अनोखा अंदाज न केवल चर्चा का विषय बना, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में स्वास्थ्य और योग के महत्व को भी एक बार फिर से सामने लाया है।