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कानपुर में आधी रात सड़कों पर उतरे DM और नगर आयुक्त, कहीं गड्ढे तो कहीं कूड़े के ढेर मिले; अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम

 

कानपुर में शहर की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी (DM) और नगर आयुक्त रात 12 बजे सड़कों पर उतरे। इस दौरान अधिकारियों ने अलग-अलग इलाकों में सड़क की स्थिति, सफाई व्यवस्था और अतिक्रमण का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कहीं सड़कों पर गड्ढे मिले तो कहीं कूड़े के ढेर दिखाई दिए। अव्यवस्थाएं सामने आने पर अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सुधार के निर्देश दिए। वहीं, अतिक्रमण करने वालों को इसे हटाने के लिए अल्टीमेटम दिया गया।

आधी रात को सड़कों पर पहुंचकर लिया जायजा

शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए DM और नगर आयुक्त ने रात में निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सड़कों की हालत और साफ-सफाई की स्थिति देखी। निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

सड़कों पर गड्ढे मिलने से सड़क मरम्मत से जुड़े कार्यों पर सवाल खड़े हुए। अधिकारियों ने सड़क की स्थिति का जायजा लेते हुए कमियों को दूर करने पर जोर दिया, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।

कई जगह कूड़े के ढेर मिलने पर सफाई के निर्देश

निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर कूड़े के ढेर भी मिले। शहर में नियमित सफाई और कचरे के समय पर निस्तारण की जिम्मेदारी नगर निगम की है। ऐसे में अधिकारियों ने सफाई व्यवस्था की कमियों को गंभीरता से लिया। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई बनी रहे।

अतिक्रमण हटाने के लिए दिया अल्टीमेटम

निरीक्षण के दौरान अतिक्रमण का मुद्दा भी सामने आया। सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण होने से यातायात प्रभावित हो सकता है और लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने के लिए अल्टीमेटम दिया। इससे संबंधित लोगों को निर्धारित समय में अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई।

लापरवाही दूर करने पर जोर

रात में किए गए इस निरीक्षण के दौरान सड़क, सफाई और अतिक्रमण से जुड़ी समस्याओं पर अधिकारियों का ध्यान गया। अब संबंधित विभागों के सामने इन कमियों को दूर करने की जिम्मेदारी है। सड़कों की मरम्मत, नियमित सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से शहर की व्यवस्थाओं में सुधार हो सकता है।

हालांकि, निरीक्षण किन-किन इलाकों में किया गया, संबंधित अधिकारियों को सुधार के लिए कितनी समय-सीमा दी गई और कार्रवाई की अगली तारीख क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।