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अयोध्या में मंदिर की जमीन को लेकर विवाद, संतों ने डीएम से की पैमाइश कराने की मांग; राजस्व अधिकारी पर लापरवाही का आरोप

 

अयोध्या में मंदिर की जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। मामले में संतों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप करने और विवादित जमीन की दोबारा पैमाइश कराने की मांग की है। संतों का आरोप है कि जमीन से जुड़े मामले की जांच में राजस्व अधिकारी ने लापरवाही बरती है। इसी के चलते विवाद का समाधान नहीं हो पा रहा है।

डीएम से निष्पक्ष पैमाइश कराने की मांग

मंदिर की जमीन से जुड़े विवाद को लेकर संतों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर मामले की जांच कराने की मांग रखी है। उनका कहना है कि जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए राजस्व विभाग के माध्यम से नियमानुसार पैमाइश कराई जानी चाहिए। इससे भूमि की सीमाओं और उससे जुड़े दावों की स्थिति साफ हो सकेगी।

संतों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जाए। उनका मानना है कि जमीन की सही पैमाइश होने से विवाद के तथ्यों को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी और आगे की कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जा सकेगी।

राजस्व अधिकारी पर जांच में लापरवाही का आरोप

संतों ने संबंधित राजस्व अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि मामले की जांच में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। उनके अनुसार, जांच में लापरवाही के कारण जमीन से जुड़ा विवाद बना हुआ है। हालांकि, राजस्व अधिकारी का पक्ष और प्रशासन की ओर से इस मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

जमीन से जुड़े विवादों में राजस्व रिकॉर्ड, मौके की स्थिति और निर्धारित सीमाओं का मिलान महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में नियमानुसार पैमाइश और दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

अब इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी। संतों की मांग पर पैमाइश कराने का निर्णय लिया जाता है या नहीं, यह प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल विवाद से जुड़े सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों के दावों की जांच आवश्यक है।

अयोध्या में मंदिर की जमीन से जुड़े इस मामले में संतों ने जल्द समाधान की मांग की है। अब देखना होगा कि जिलाधिकारी इस शिकायत पर क्या निर्देश देते हैं और राजस्व विभाग की ओर से जमीन की पैमाइश व जांच को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।