दिनेश मकवाना आत्महत्या मामला: आबकारी अधिकारी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, CBI जांच और FIR के आदेश रद्द
चर्चित दिनेश मकवाना आत्महत्या मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आबकारी विभाग के अधिकारी को राहत दी है। कोर्ट ने सिंगल बेंच के फैसले को पलटते हुए CBI जांच के आदेश और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दोनों को रद्द कर दिया है।
इस फैसले के साथ ही मामले में CBI जांच की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लग गई है और संबंधित आबकारी अधिकारी को बड़ी कानूनी राहत मिली है।
डिवीजन बेंच ने पलटा सिंगल बेंच का फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें मामले की CBI से जांच कराने और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे।
डिवीजन बेंच ने दोनों आदेशों को रद्द करते हुए स्पष्ट किया कि मामले में पहले दिए गए निर्देश अब प्रभावी नहीं रहेंगे।
आबकारी अधिकारी को मिली राहत
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मामले में नामित आबकारी अधिकारी को बड़ी राहत मिली है। अब उनके खिलाफ सिंगल बेंच के आदेश के आधार पर न तो CBI जांच होगी और न ही उस आदेश के तहत एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
क्या है मामला?
दिनेश मकवाना आत्महत्या प्रकरण लंबे समय से कानूनी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय रहा है। इस मामले में आत्महत्या के लिए कथित रूप से जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद सिंगल बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI जांच और एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे।
हालांकि, इस आदेश को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच में अपील दायर की गई थी।
कानूनी प्रक्रिया रहेगी जारी
डिवीजन बेंच के फैसले के बाद मामले में सिंगल बेंच के निर्देश निष्प्रभावी हो गए हैं। हालांकि, यदि किसी पक्ष को इस फैसले पर आपत्ति होती है तो वह कानून के अनुसार आगे की न्यायिक प्रक्रिया अपनाने के लिए स्वतंत्र होगा।
हाईकोर्ट के इस फैसले को मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ माना जा रहा है। डिवीजन बेंच के निर्णय के बाद अब इस प्रकरण की आगे की दिशा न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित पक्षों के अगले कदमों पर निर्भर करेगी।