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धीरेन्द्र शास्त्री के बयान पर भड़के पुरावशेष नरेंद्रानंद सरस्वती, वीडियो में बोले- राम-कृष्ण में अंतर्विरोध वाला अज्ञानी

 

वाराणसी में सुमेरु पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर नाराजगी जताई है। मंगलवार को दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के बीच अंतर बताने वाले व्यक्ति से बड़ा मूर्ख और अज्ञानी शायद ही कोई होगा। उन्होंने कहा कि शिव, कृष्ण और राम में कोई अंतर नहीं है।शंकराचार्य ने कहा कि किसी कथावाचक को नशे में या किसी अन्य स्थिति में ऐसी अनर्गल टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हों। उन्होंने कहा कि धार्मिक मंचों से बोलते समय कथावाचकों को अपनी भाषा और शब्दों का ध्यान रखना चाहिए।

देशद्रोही गतिविधियों में शामिल लोगों पर दिया विवादित बयान

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बातचीत के दौरान शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने देशद्रोही गतिविधियों में शामिल लोगों को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों में लिप्त लोगों को शूट कर देना चाहिए। उनका यह बयान भी चर्चा का विषय बन गया है।उन्होंने मंदिरों और धार्मिक स्थलों के अधिकार को लेकर भी अपनी बात रखी। शंकराचार्य ने कहा कि सरकारों की हिम्मत नहीं है कि वे मस्जिद या चर्च ले लें, लेकिन हिंदुओं के मंदिर लेकर उनका धर्म हड़पना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों पर सनातनियों और हिंदुओं का अधिकार होना चाहिए।

29 अक्टूबर को रामकथा के दौरान दिया था बयान

दरअसल, यह पूरा विवाद 29 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में आयोजित रामकथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी से शुरू हुआ था। कथा के दौरान उन्होंने भगवान राम और भगवान कृष्ण की तुलना करते हुए कहा था, 'हमारे राम सीधे हैं, तुम्हारे कृष्ण टेढ़े। तुम्हारे ठाकुरजी की खोपड़िया भी टेढ़ी, नाम भी टेढ़ा और चलते-खड़े भी टेढ़े होते हैं।'उनकी इस टिप्पणी के सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक स्तर पर विवाद शुरू हो गया था। कई लोगों ने इसे भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अनुचित टिप्पणी बताते हुए आपत्ति जताई थी।

विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी

मामले में विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान पर माफी भी मांगी थी। हालांकि, इसके बावजूद इस टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने भी इसी बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि भगवान राम, कृष्ण और शिव को अलग-अलग मानकर तुलना करना उचित नहीं है।इस पूरे विवाद में एक ओर धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी और उसके बाद मांगी गई माफी चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर शंकराचार्य की तीखी प्रतिक्रिया ने मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।