लखनऊ में गोमती की बाढ़ से तबाही, फैजुल्लागंज-मल्लाही टोला में घर-दुकानें डूबीं; पानी में बह गई बरसों की कमाई
लखनऊ में गोमती नदी के बढ़े जलस्तर ने शहर के कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फैजुल्लागंज और मल्लाही टोला में बाढ़ का पानी लोगों के घरों, दुकानों और सड़कों तक पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि कई जगह घर और वाहन पूरी तरह पानी में डूबे नजर आ रहे हैं। बाढ़ के कारण स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है।फैजुल्लागंज-मल्लाही टोला में बाढ़ का पानी लगातार फैलने से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। जिन घरों में कुछ दिन पहले तक परिवार सामान्य जीवन जी रहे थे, वहां अब पानी भरा हुआ है। कई परिवारों को अपना सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर होना पड़ा है।
इलाके में सड़कों का भी पता नहीं चल रहा है। जहां कभी लोग पैदल या वाहनों से आवाजाही करते थे, वहां अब पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। कई वाहन पानी में फंसे या डूबे नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता घरों में रखा सामान और जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित बचाना है।बाढ़ का असर दुकानदारों पर भी पड़ा है। कई दुकानें पानी में डूब गई हैं। व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से जमा किया गया सामान पानी की चपेट में आ गया। छोटे दुकानदारों के लिए यह नुकसान बेहद बड़ा है, क्योंकि उनकी रोजी-रोटी सीधे दुकान के कारोबार पर निर्भर है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई परिवारों ने वर्षों की मेहनत और कमाई से अपना घर और सामान जुटाया था। बाढ़ का पानी आने के बाद उनकी जमा पूंजी और घरेलू सामान बर्बाद हो गया। लोगों को इस बात की चिंता है कि पानी उतरने के बाद घरों और दुकानों को दोबारा सामान्य स्थिति में लाने में कितना समय और पैसा लगेगा।बाढ़ के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी से घिरे इलाकों में आने-जाने के लिए लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। कई जगह जरूरी सामान और भोजन की उपलब्धता भी चुनौती बनी हुई है।
गोमती के बढ़े जलस्तर के बीच प्रशासन और राहत टीमों की गतिविधियां भी प्रभावित इलाकों में जारी हैं। लोगों की प्राथमिकता फिलहाल सुरक्षित स्थान तक पहुंचना और अपने परिवार को सुरक्षित रखना है।फैजुल्लागंज और मल्लाही टोला की तस्वीरें बाढ़ की भयावहता को बयां कर रही हैं। पानी में डूबे घर, वाहन और दुकानें उन परिवारों की परेशानी दिखा रहे हैं, जिनकी वर्षों की मेहनत कुछ ही समय में बाढ़ की चपेट में आ गई। अब प्रभावित लोगों को पानी उतरने और जनजीवन सामान्य होने का इंतजार है।