लखनऊ में बनेगी दिल्ली जैसी एयरोसिटी, एससीआर का नक्शा मंजूर होने के बाद नई योजनाओं पर मंथन शुरू
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज पर विकसित किए जा रहे स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने आगे की योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। एससीआर का मैप मंजूर होने के बाद अब लखनऊ और आसपास के जिलों के विकास को लेकर नई परियोजनाओं पर मंथन शुरू हो गया है। इसी कड़ी में दिल्ली की तर्ज पर लखनऊ में भी एयरपोर्ट के पास एयरोसिटी विकसित करने की तैयारी है।
एससीआर में लखनऊ के साथ छह अन्य जिलों को शामिल किया गया है। इस पूरे क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने, बेहतर कनेक्टिविटी देने और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई बड़ी योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
एयरपोर्ट के आसपास विकसित होगा नया बिजनेस हब
योजना के तहत लखनऊ एयरपोर्ट के आसपास एयरोसिटी बनाने का प्रस्ताव है। इसमें होटल, कॉरपोरेट ऑफिस, कन्वेंशन सेंटर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मनोरंजन केंद्र और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे देश-विदेश से आने वाले यात्रियों और निवेशकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
अधिकारियों के अनुसार, एयरोसिटी का उद्देश्य सिर्फ रियल एस्टेट विकास नहीं बल्कि रोजगार के नए अवसर पैदा करना और लखनऊ को एक बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना है।
दिल्ली की तर्ज पर होगा विकास मॉडल
दिल्ली के एयरपोर्ट के पास विकसित एयरोसिटी की तर्ज पर लखनऊ में भी एक ऐसा क्षेत्र विकसित करने की योजना है, जहां कारोबार, पर्यटन और परिवहन सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हों। इससे शहर में निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
एससीआर के तहत सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। नए औद्योगिक क्षेत्रों और आवासीय योजनाओं को भी इस विकास योजना से जोड़ा जाएगा।
छह जिलों के विकास को मिलेगी नई दिशा
लखनऊ के आसपास के जिलों को जोड़कर बनाए जा रहे एससीआर से क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि बढ़ती आबादी और शहरी दबाव को देखते हुए योजनाबद्ध तरीके से शहरों का विस्तार किया जाए।
एससीआर बनने के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, परिवहन और आवास क्षेत्र में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। आने वाले समय में कई नई परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
फिलहाल एससीआर के विकास खाके पर विभागों के बीच चर्चा जारी है। माना जा रहा है कि एयरोसिटी समेत अन्य बड़ी परियोजनाएं लखनऊ को उत्तर भारत के प्रमुख आर्थिक और कारोबारी केंद्रों में शामिल करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।