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नीति आयोग बैठक में दिल्ली का विजन पेश, सीएम रेखा गुप्ता ने पीएम मोदी के सामने रखी योजनाएं

 

नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की बैठक के दौरान दिल्ली सरकार ने राजधानी के विकास को लेकर अपना विस्तृत विजन पेश किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के सामने राजधानी की विभिन्न योजनाओं, विकास परियोजनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से प्रस्तुति दी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने दिल्ली के बुनियादी ढांचे, परिवहन व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा क्षेत्र और शहरी विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को रखा। उन्होंने कहा कि राजधानी की बढ़ती आबादी और शहरी दबाव को देखते हुए अधिक संसाधनों और सहयोग की आवश्यकता है, ताकि योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सके और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

सीएम रेखा गुप्ता ने विशेष रूप से दिल्ली में ट्रैफिक प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और जल प्रबंधन जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार के सहयोग की मांग की। उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में समस्याएं जटिल हैं और इनके समाधान के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।

इस दौरान नीति आयोग NITI Aayog की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। आयोग के मंच से राज्यों को अपने विकास मॉडल प्रस्तुत करने और केंद्र के साथ समन्वय स्थापित करने का अवसर मिलता है। दिल्ली सरकार ने इस अवसर का उपयोग करते हुए राजधानी के दीर्घकालिक विकास के लिए कई योजनाओं को सामने रखा।

बैठक में यह भी बताया गया कि दिल्ली में मेट्रो विस्तार, सड़क नेटवर्क के सुधार, नई आवासीय योजनाएं और डिजिटल गवर्नेंस को और मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार के सहयोग से इन परियोजनाओं को और गति मिलेगी।

इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का भी उल्लेख किया। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति में सुधार के लिए चल रही योजनाओं को बैठक में विस्तार से प्रस्तुत किया गया। सीएम ने कहा कि राजधानी को एक मॉडल शहर बनाने के लिए निरंतर निवेश और नीति समर्थन की जरूरत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में विभिन्न राज्यों के विकास मॉडल को ध्यान से सुना और समग्र विकास के लिए सहयोगात्मक संघीय ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्यों के विकास के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है।

दिल्ली सरकार ने इस बैठक में केंद्र से अधिक वित्तीय सहायता और परियोजनाओं के लिए त्वरित मंजूरी की भी मांग रखी, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। सरकार का मानना है कि बेहतर समन्वय और पर्याप्त संसाधनों के साथ दिल्ली को वैश्विक स्तर का आधुनिक शहर बनाया जा सकता है।फिलहाल इस बैठक को दिल्ली के विकास एजेंडे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां भविष्य की दिशा और प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।