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DDU गोरखपुर विश्वविद्यालय में नए सत्र की तैयारियों की समीक्षा, कुलपति ने डीन और HOD के साथ बनाई रणनीति

 

उत्तर प्रदेश के दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के सभी डीन और विभागाध्यक्षों (HOD) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

दोपहर 12 बजे से शुरू हुई इस बैठक में नए सत्र की कार्ययोजना, छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं, शिक्षा की गुणवत्ता और विश्वविद्यालय की आगामी तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कुलपति ने सभी विभागों की व्यवस्थाओं और योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की।

बैठक में विशेष रूप से छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने, कक्षाओं के सुचारु संचालन और सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। कुलपति ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए सत्र में विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं।

इसके अलावा विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। कुलपति ने संबंधित अधिकारियों से समारोह की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और आवश्यक तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है, इसलिए इसकी तैयारियां बेहतर तरीके से की जानी चाहिए।

बैठक में नैक (NAAC) मूल्यांकन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कुलपति ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मूल्यांकन से जुड़े जरूरी दस्तावेज, उपलब्धियां और रिकॉर्ड समय पर तैयार रखें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और उपलब्धियों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।

कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि नए सत्र में विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर सुविधाएं और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी डीन और विभागाध्यक्षों से आपसी समन्वय के साथ काम करने की अपील की।

बैठक के दौरान विभागों की वर्तमान स्थिति, भविष्य की योजनाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने नए सत्र को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।

DDU गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नए सत्र में शैक्षणिक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ विश्वविद्यालय की रैंकिंग और गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक के बाद सभी विभागों को तय योजनाओं के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए।