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वाराणसी में साइबर ठगी के कॉल सेंटर का भंडाफोड़: ट्रेडिंग के नाम पर करते थे ठगी, 21 युवतियों समेत 32 कॉलर गिरफ्तार

 

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में साइबर क्राइम टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। गुरुवार रात करीब 9 बजे पुलिस की छापेमारी से कॉल सेंटर में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कॉलिंग गैंग के 32 सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिनमें 21 युवतियां भी शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद अलग-अलग तरीकों से उनसे पैसे ऐंठे जाते थे। साइबर क्राइम टीम को लगातार इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद जांच के दौरान इस फर्जी कॉल सेंटर का पता चला।

ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर करते थे संपर्क

जानकारी के मुताबिक, आरोपी लोगों को फोन कर खुद को ट्रेडिंग कंपनी या निवेश सलाहकार बताकर बातचीत शुरू करते थे। कॉल पर लोगों को शेयर मार्केट और ऑनलाइन ट्रेडिंग में कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का लालच दिया जाता था।

आरोपी पीड़ितों को फर्जी ऐप, वेबसाइट या निवेश योजनाओं के जरिए पैसे लगाने के लिए तैयार करते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इनके झांसे में आता था, उसके खाते से रकम ट्रांसफर करा ली जाती थी। कई लोगों के साथ लाखों रुपये की ठगी किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

छापेमारी में बरामद हुआ सामान

साइबर क्राइम टीम ने कॉल सेंटर में पहुंचकर वहां मौजूद लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड, कंप्यूटर सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इन उपकरणों की जांच कर पुलिस गिरोह के नेटवर्क और ठगी के शिकार लोगों की जानकारी जुटा रही है।

32 लोगों को किया गिरफ्तार

पुलिस कार्रवाई में कुल 32 कॉलर गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें 21 युवतियां और 11 युवक शामिल हैं। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह का संचालन कौन कर रहा था और इसके तार किन-किन राज्यों से जुड़े हैं।

साइबर ठगी के खिलाफ अभियान जारी

वाराणसी साइबर क्राइम पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन ठगी के मामलों को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या निवेश के लालच में आकर अपनी निजी जानकारी और बैंक डिटेल साझा न करें।

इस कार्रवाई के बाद साइबर ठगी करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क और उनके बैंक खातों की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।