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मंत्री कपिल देव के नाम पर साइबर ठगी की कोशिश, ट्रैवल कारोबारी को WhatsApp कॉल; PA बनकर कहा- ‘मंत्री बात करेंगे’

 

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मंत्री कपिल देव अग्रवाल के नाम पर साइबर ठगी की कोशिश का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने एक ट्रैवल कारोबारी को WhatsApp कॉल किया और खुद को मंत्री का PA बताते हुए बातचीत की। ठग ने कारोबारी से कहा कि कुछ देर में मंत्री उससे बात करेंगे। हालांकि, कारोबारी को बातचीत के तरीके पर शक हो गया और उसने सतर्कता बरतते हुए ठगी की कोशिश को नाकाम कर दिया।

मामला सामने आने के बाद पुलिस और साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस कॉल करने वाले नंबर और उससे जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है। इस घटना ने एक बार फिर साइबर अपराधियों द्वारा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने के प्रयासों को उजागर किया है।

WhatsApp पर आया कॉल

जानकारी के अनुसार ट्रैवल कारोबारी को WhatsApp पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को मंत्री कपिल देव अग्रवाल का निजी सहायक बताया। उसने कारोबारी को विश्वास में लेने के लिए कहा कि मंत्री जल्द ही उससे बात करेंगे।

मंत्री के नाम का इस्तेमाल किए जाने से कारोबारी को पहले लगा कि कॉल वास्तविक हो सकती है, लेकिन बातचीत आगे बढ़ने पर उसे कुछ बातों पर संदेह हुआ। इसके बाद उसने किसी तरह का भुगतान या संवेदनशील जानकारी साझा नहीं की।

ठगी से पहले विश्वास जीतने की कोशिश

साइबर अपराधी अक्सर ठगी से पहले लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। इसके लिए वे किसी अधिकारी, नेता, रिश्तेदार या परिचित व्यक्ति का नाम इस्तेमाल करते हैं। इस मामले में भी कथित ठग ने खुद को मंत्री का PA बताकर कारोबारी को भरोसे में लेने का प्रयास किया।

आशंका है कि यदि कारोबारी पूरी तरह उसके झांसे में आ जाता तो आगे पैसों की मांग या किसी अन्य तरह की धोखाधड़ी की कोशिश की जा सकती थी।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद साइबर टीम ने जांच शुरू कर दी है। जिस नंबर से WhatsApp कॉल किया गया, उसकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नंबर किसके नाम पर है और कॉल करने वाला व्यक्ति कहां से ऑपरेट कर रहा था।

इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने मंत्री के नाम और पद से जुड़ी जानकारी कहां से हासिल की। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे कोई संगठित साइबर गिरोह भी हो सकता है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

साइबर विशेषज्ञ लगातार लोगों को ऐसे फर्जी कॉल और मैसेज से सावधान रहने की सलाह देते हैं। किसी भी व्यक्ति के नाम पर अचानक WhatsApp कॉल आए और पैसे, बैंक डिटेल, OTP या अन्य संवेदनशील जानकारी मांगी जाए तो तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए।

मंत्री या किसी बड़े अधिकारी का नाम सुनकर भी बिना पुष्टि किए कोई भुगतान नहीं करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति या कार्यालय के आधिकारिक नंबर से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।

फिलहाल पुलिस इस मामले में कॉल करने वाले आरोपी की पहचान और उसके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। मंत्री के नाम पर हुई ठगी की इस कोशिश ने क्षेत्र में साइबर अपराध को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है।