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कोर्ट का GDA को निर्देश: दो महीने में पूरा करें ध्वस्तीकरण, बिल्डर से वसूला जाएगा पूरा खर्च

 

गाजियाबाद में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कोर्ट ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने प्राधिकरण को दो महीने के भीतर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। साथ ही स्पष्ट किया है कि ध्वस्तीकरण पर आने वाले पूरे खर्च की वसूली संबंधित प्रमोटर यानी बिल्डर से की जाएगी। यह राशि भू-राजस्व के बकाये की तरह वसूल की जाएगी।

कोर्ट के इस आदेश के बाद संबंधित निर्माण के खिलाफ कार्रवाई और उसकी लागत की वसूली की जिम्मेदारी जीडीए पर होगी। आदेश का उद्देश्य निर्धारित समय सीमा में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी कराना और कार्रवाई पर होने वाले खर्च का भार संबंधित बिल्डर पर डालना है।

दो महीने के भीतर ध्वस्तीकरण पूरा करने का आदेश

कोर्ट ने जीडीए को ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो महीने की समय सीमा तय की है। प्राधिकरण को इस अवधि के भीतर आवश्यक कार्रवाई करनी होगी। आदेश के अनुसार, ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा करना होगा।

इस तरह की कार्रवाई में संबंधित निर्माण की स्थिति, प्रशासनिक प्रक्रिया और लागू नियमों के अनुसार कदम उठाए जाते हैं। कोर्ट के निर्देश के बाद जीडीए को आदेश के अनुपालन की दिशा में कार्रवाई करनी होगी।

बिल्डर से वसूला जाएगा ध्वस्तीकरण का खर्च

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ध्वस्तीकरण पर होने वाला पूरा खर्च जीडीए संबंधित प्रमोटर से वसूल करेगा। इसके लिए भू-राजस्व बकाया वसूली की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसका अर्थ है कि ध्वस्तीकरण की लागत को बिल्डर की देनदारी के रूप में वसूलने की कार्रवाई की जा सकती है।

इस व्यवस्था के तहत ध्वस्तीकरण का आर्थिक बोझ प्राधिकरण या आम जनता पर छोड़ने के बजाय संबंधित प्रमोटर से वसूली करने का निर्देश दिया गया है। वसूली की वास्तविक प्रक्रिया लागू नियमों और प्राधिकरण की कार्रवाई के अनुसार पूरी होगी।

अवैध निर्माण के मामलों में आदेश अहम

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण शहर में विकास और निर्माण से जुड़े नियमों के पालन की जिम्मेदारी निभाता है। निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन के मामलों में प्राधिकरण को नियमानुसार कार्रवाई करनी होती है। ऐसे मामलों में ध्वस्तीकरण के साथ-साथ कार्रवाई पर आने वाले खर्च की वसूली भी महत्वपूर्ण विषय होता है।

कोर्ट के इस निर्देश में दो बातें स्पष्ट हैं। पहली, ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया दो महीने में पूरी करनी होगी। दूसरी, इस कार्रवाई पर आने वाला पूरा खर्च संबंधित बिल्डर से वसूला जाएगा।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में संबंधित बिल्डर, निर्माण स्थल, मामले की सुनवाई करने वाली अदालत और आदेश की तारीख का उल्लेख नहीं है। इसलिए इन विवरणों की पुष्टि के बिना किसी खास परियोजना या व्यक्ति के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

फिलहाल, कोर्ट के निर्देश के बाद जीडीए को निर्धारित समय सीमा में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी करने और उसका खर्च संबंधित प्रमोटर से वसूलने की कार्रवाई करनी होगी।