जमीन दिलाने और निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर ठगी के आरोपियों को मिली राहत, अदालत ने दी जमानत
जमीन दिलाने और निवेश पर आकर्षक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की कथित ठगी के मामले में आरोपित दो प्रॉपर्टी डीलरों को अदालत से बड़ी राहत मिली है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सप्तम) विकास श्रीवास्तव की अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उन्हें सशर्त जमानत प्रदान कर दी।
मामला वाराणसी में जमीन की खरीद-फरोख्त और निवेश के नाम पर लोगों से बड़ी रकम लेने से जुड़ा है। आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलरों ने कई लोगों को कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके अलावा सस्ते दाम पर जमीन उपलब्ध कराने का दावा करते हुए निवेशकों से लाखों रुपये लिए गए। जब तय समय पर न तो जमीन मिली और न ही निवेश की राशि वापस की गई, तब पीड़ितों ने इसकी शिकायत पुलिस से की।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि आरोपियों को मामले में झूठा फंसाया गया है। उनका कहना था कि यह विवाद मुख्य रूप से लेन-देन और कारोबारी समझौते से जुड़ा है, जिसे आपराधिक रंग दिया गया है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि आरोपी जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं और उनके फरार होने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने की आशंका नहीं है।
वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और आरोपियों पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप है। ऐसे मामलों में जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है। हालांकि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए आरोपियों को सशर्त जमानत देने का आदेश पारित किया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले की सुनवाई नियमानुसार जारी रहेगी और आरोपों की सत्यता का फैसला साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर किया जाएगा। साथ ही आरोपियों को न्यायालय द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा। यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन किया जाता है तो उनकी जमानत निरस्त की जा सकती है।
इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा बनी हुई है, क्योंकि हाल के वर्षों में जमीन और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों में पुलिस लगातार लोगों से सतर्क रहने और किसी भी निवेश या संपत्ति खरीदने से पहले सभी दस्तावेजों एवं संबंधित व्यक्तियों की पूरी तरह जांच-पड़ताल करने की अपील करती रही है।