मेरठ में सुबह-शाम ठंडक, दिन में धूप का असर कम; 30 डिग्री के आसपास तापमान, अस्पतालों में बढ़े मरीज
मेरठ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस हो रही है, जबकि दिन में धूप निकलने के बावजूद गर्मी का असर कम दिखाई दे रहा है। तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों में बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम में आए बदलाव का असर लोगों की दिनचर्या पर भी देखने को मिल रहा है। इसी बीच अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने की बात सामने आई है।
पिछले तीन-चार दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। दो दिन पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद वातावरण में बदलाव महसूस किया जा रहा है। सोमवार सुबह मौसम साफ रहा और धूप खिली, लेकिन दिन में भी गर्मी का असर पहले जैसा नहीं दिखा। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक के कारण लोगों को मौसम में बदलाव का एहसास हो रहा है।
मौसम में बदलाव से बढ़ रही परेशानी
मौसम में अचानक बदलाव के दौरान लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। सुबह-शाम ठंडक और दिन में धूप के कारण तापमान का अनुभव अलग-अलग हो सकता है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
मौसम बदलने के दौरान सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और एलर्जी जैसी शिकायतें हो सकती हैं। हालांकि, मेरठ के अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने के पीछे कौन-सी बीमारियां प्रमुख हैं और कितने मरीज पहुंचे हैं, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने की चर्चा
मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने की बात सामने आई है। ऐसे में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी या तबीयत अधिक खराब होने पर डॉक्टर से संपर्क करना उचित है। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयां लेने से बचना चाहिए।
सुबह-शाम रखें खास सावधानी
बदलते मौसम में सुबह और शाम बाहर निकलते समय हल्के गर्म कपड़े रखना उपयोगी हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित भोजन करना और साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है। बच्चों और बुजुर्गों को तापमान में बदलाव के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
फिलहाल मेरठ में तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास है और मौसम में बदलाव जारी है। आने वाले दिनों में तापमान कैसा रहेगा, इसके लिए मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या और बीमारियों से संबंधित आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध होने पर स्थिति की अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।