अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में 7 करोड़ की चोरी के दावे पर विवाद, वीडियो में देंखे पीएमओ ने ट्रस्ट से मांगी रिपोर्ट
अयोध्या स्थित Ram Mandir Ayodhya में चढ़ावे की राशि से जुड़ी कथित 7 करोड़ रुपये की चोरी के दावे को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इस मामले में बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister's Office India) ने मंदिर ट्रस्ट से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है।इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने मंगलवार को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में आए चढ़ावे के प्रबंधन और हिसाब-किताब में गंभीर अनियमितताओं की जांच जरूरी है।
इसी बीच राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने भी मंगलवार को ट्रस्ट के सदस्यों के साथ अहम बैठक की। यह बैठक राम मंदिर परिसर के एक बंद कमरे में करीब चार घंटे तक चली, जिसमें चढ़ावे की राशि, उसके उपयोग और लेखा-जोखा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।सूत्रों के अनुसार, बैठक में मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर कई बिंदुओं पर विचार किया गया। हालांकि ट्रस्ट की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस बीच विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने मंगलवार को एक बार फिर इस कथित चोरी का मामला उठाते हुए सरकार से 11 सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि जब यह मामला आस्था से जुड़ा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों की पहचान जरूरी है।अखिलेश यादव ने यह भी सवाल उठाया कि “देश की सनातन आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे कौन लोग हैं और चढ़ावे में कथित अनियमितता करने वालों को कौन बचा रहा है?”
यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेता जा रहा है और विपक्ष तथा सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। सरकार की ओर से पीएमओ द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस विवाद की जांच और तेज हो सकती है। कुल मिलाकर, राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितता का मुद्दा अब न केवल धार्मिक बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।