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यूपी के मथुरा में महाशिवरात्रि पर शिवालय के जल चढ़ाने को लेकर मस्जिद के सामने विवाद

 

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में महाशिवरात्रि के अवसर पर एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। जिले के एक गांव में स्थानीय शिवालय में जल चढ़ाने की प्रक्रिया को लेकर मस्जिद के सामने असहमति पैदा हुई, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।

जानकारी के अनुसार, महाशिवरात्रि के मौके पर श्रद्धालु शिवालय में जलाभिषेक करने पहुंचे। इसी दौरान कुछ लोगों ने मस्जिद के सामने इस प्रक्रिया के होने पर आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने के बाद स्थानीय प्रशासन को स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए तुरंत कदम उठाना पड़ा।

एसडीएम और डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तनाव को रोकने के लिए भारी पुलिस फोर्स के साथ फ्लैग मार्च किया। इसके अलावा गांव में चारों तरफ पुलिस तैनात कर दी गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और विवाद को बढ़ावा न देने की अपील की।

स्थानीय लोग और ग्रामीण प्रशासन के इस कदम की सराहना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही विवाद का शांतिपूर्ण समाधान किया जाएगा और दोनों समुदायों के बीच सामंजस्य बनाए रखने के प्रयास जारी रहेंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक अवसरों के समय कभी-कभी स्थानीय स्तर पर सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे मामलों में प्रशासन का त्वरित हस्तक्षेप और पुलिस का संतुलित दृष्टिकोण ही स्थिति को गंभीर होने से रोक सकता है।

मथुरा जिले में इस तरह की घटनाएँ दुर्लभ नहीं हैं, लेकिन हर बार प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और स्थानीय नेताओं की शांति की अपील से स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है। इस बार भी प्रशासन ने सक्रिय रूप से गांव में गश्त बढ़ाई और विवाद के संभावित फैलाव को रोका।

स्थानीय समाजसेवी और धार्मिक संगठन भी विवाद के शांतिपूर्ण समाधान में भूमिका निभा रहे हैं। उनका कहना है कि सभी समुदायों को आपसी समझ और सहयोग के साथ धार्मिक अवसरों का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या गलत सूचना पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।

इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया कि धार्मिक आयोजनों के समय समुदायों के बीच संवाद और प्रशासन की तत्परता बेहद महत्वपूर्ण होती है। मथुरा जिले में प्रशासन और पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की।

अधिकारी अब गांव में निगरानी बनाए हुए हैं और दोनों समुदायों के नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं ताकि आगे किसी तरह की समस्या न हो।