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माध्यमिक शिक्षा परिषद परीक्षा में नकल रोकने के लिए जिले में कंट्रोल रूम स्थापित

 

माध्यमिक शिक्षा परिषद (Board of Secondary Education) की बोर्ड परीक्षा में नकल पर रोक लगाने के लिए जिले के राजकीय इंटर कॉलेज में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से परीक्षा केंद्रों की समानांतर निगरानी और नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, सोमवार को कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों को जोड़कर ट्रायल टेस्ट किया गया। इस परीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक केंद्र से सिक्योरिटी फीड, परीक्षा प्रक्रिया और निगरानी उपकरण सही ढंग से काम कर रहे हैं। यह प्रयास परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।

कंट्रोल रूम की स्थापना का उद्देश्य केवल नकल रोकना ही नहीं है, बल्कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या आपातकालीन स्थिति पर तुरंत कार्रवाई करना भी है। अधिकारियों ने बताया कि कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्रों के वीडियो फीड, छात्रों की उपस्थिति और पेपर वितरण प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी।

इसके अलावा, लखनऊ और मेरठ के मुख्य कंट्रोल रूम से भी परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जाएगी। यह देशभर में पहली बार लागू की जा रही सेंटरलाइज्ड निगरानी प्रणाली का हिस्सा है। इससे न केवल नकल की संभावना कम होगी, बल्कि परीक्षा केंद्रों में अनुशासन और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

परीक्षा में शामिल छात्रों और अभिभावकों ने कंट्रोल रूम की स्थापना को स्वागत योग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम शैक्षणिक ईमानदारी और परीक्षाओं की विश्वसनीयता को बढ़ाने में मदद करेगा। शिक्षक और केंद्र प्रभारी भी इस प्रणाली से संतुष्ट हैं, क्योंकि इससे परीक्षा प्रक्रिया सुसंगठित और नियंत्रित होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से नकल रोकने और परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने में काफी मदद मिलती है। कंट्रोल रूम के जरिए अधिकारियों को किसी भी असामान्य गतिविधि या धोखाधड़ी पर तुरंत नियंत्रण लेने की सुविधा मिलती है।

जिला प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधिकारी लगातार तैयारियों और परीक्षणों पर नजर रख रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा शुरू होने से पहले सभी केंद्रों का सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर ट्रायल किया जाएगा ताकि परीक्षा के दिन कोई तकनीकी समस्या न आए।

इस तरह के उपाय से न केवल नकल पर कड़ी रोक लगेगी, बल्कि परीक्षा के माहौल को सुरक्षित, शांत और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। परीक्षा केंद्रों और कंट्रोल रूम के बीच सीधी कनेक्टिविटी छात्रों और परीक्षकों दोनों के लिए सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

इस प्रकार, माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जिले में कंट्रोल रूम की स्थापना और ट्रायल टेस्ट से यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार और शिक्षा बोर्ड परीक्षा की निष्पक्षता को प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाली बोर्ड परीक्षाओं में यह कदम छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए आश्वस्तिक और भरोसेमंद साबित होगा।