×

गंगा एक्सप्रेसवे टोल पर भ्रम: तीन दिन में दर 1514 से बढ़कर 1800 रुपये, फिलहाल सफर मुफ्त

 

594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल दरों को लेकर यात्रियों के बीच अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। महज तीन दिनों के भीतर कारों के लिए प्रस्तावित टोल शुल्क 1,514 रुपये से बढ़ाकर करीब 1,800 रुपये कर दिया गया है, जिससे लोगों में भ्रम और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही है।

हालांकि, फिलहाल एक्सप्रेसवे पर ट्रायल रन जारी होने के कारण वाहनों से कोई टोल नहीं लिया जा रहा है। इस वजह से बड़ी संख्या में लोग इस नए हाई-स्पीड मार्ग का अनुभव लेने के लिए सफर कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, टोल दरों में यह बदलाव अंतिम स्वीकृति से पहले की समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि दरें तय करते समय सड़क निर्माण लागत, रखरखाव और अन्य सुविधाओं को ध्यान में रखा जाता है, जिसके चलते समय-समय पर संशोधन किया जा सकता है।

नई प्रस्तावित दरों के मुताबिक, यदि कोई वाहन 24 घंटे के भीतर वापसी करता है, तो उसे टोल शुल्क में 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस सुविधा से नियमित यात्रियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है, जो मेरठ से प्रयागराज तक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाती है। इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से यात्रा समय में काफी कमी आई है और लोगों को तेज व सुगम सफर का विकल्प मिला है।

हालांकि, टोल दरों में लगातार हो रहे बदलाव से यात्रियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर अंतिम दरें क्या होंगी और उन्हें भविष्य में कितना शुल्क देना पड़ेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि टोल दरों को लेकर पारदर्शिता बेहद जरूरी है, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो। यदि समय रहते स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, तो इससे यात्रियों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।

फिलहाल सभी की नजरें अंतिम टोल दरों की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिसके बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।