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एसएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों में चक्कर और कमजोरी की शिकायतें बढ़ीं, विशेषज्ञों ने बताया संभावित कारण

 

एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हाल के दिनों में मरीजों में अचानक चक्कर आने, सांस फूलने और कमजोरी जैसी शिकायतों में वृद्धि देखी जा रही है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बीते कुछ हफ्तों में ऐसे मरीजों की संख्या सामान्य से कई गुना बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति कई कारणों से हो सकती है, जिनमें शुगर का असंतुलन एक प्रमुख कारक हो सकता है।

डॉक्टरों ने बताया कि चक्कर आने का हर मामला डायबिटीज यानी मधुमेह से जुड़ा नहीं होता। "बहुत बार लोग यह सोचते हैं कि चक्कर या कमजोरी का मतलब हमेशा शुगर की समस्या है, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। शरीर में पानी की कमी, नींद की कमी, अनियमित आहार, या फिर ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी इसी तरह के लक्षण पैदा कर सकती हैं," एसएन मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा।

अस्पताल में रिपोर्ट मिली है कि मरीजों में सांस फूलना और इम्युनिटी कम होना जैसी समस्याएं भी देखी जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर इम्युनिटी और असंतुलित जीवनशैली से भी यह लक्षण प्रकट हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अचानक चक्कर या कमजोरी आने की स्थिति में स्वयं दवा लेने की बजाय डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें।

चिकित्सकों ने बताया कि शुगर से संबंधित मामलों में मरीज को ब्लड शुगर टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। "यदि रक्त में शुगर असमान्य है, तो उचित दवाइयां और जीवनशैली में बदलाव की आवश्यकता होती है। लेकिन हर बार चक्कर आने का मतलब डायबिटीज होना जरूरी नहीं है," डॉक्टर ने स्पष्ट किया।

विशेषज्ञों ने कुछ सामान्य सुझाव भी दिए हैं जिनसे अचानक चक्कर आने और कमजोरी जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। इनमें संतुलित आहार लेना, पर्याप्त पानी पीना, नियमित नींद और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करना शामिल है। इसके अलावा, मानसिक तनाव को कम करना और अत्यधिक तली-भुनी चीजों से परहेज करना भी लाभकारी होता है।

अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि उन्होंने ओपीडी में अतिरिक्त डॉक्टरों और नर्सों की तैनाती की है ताकि मरीजों को समय पर जांच और परामर्श मिल सके। उन्होंने जनता से अपील की कि अगर कोई भी व्यक्ति लगातार चक्कर, कमजोरी या सांस फूलने जैसी समस्या महसूस करता है, तो वह तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र में जाए।

इस बीच, शहर में स्वास्थ्य विशेषज्ञ और डॉक्टर यह चेतावनी दे रहे हैं कि मौसमी बदलाव, खान-पान में असंतुलन और जीवनशैली के कारण ऐसे लक्षण आम हो सकते हैं, लेकिन इन्हें अनदेखा करना जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर जांच और उपचार से गंभीर समस्याओं को टाला जा सकता है।

एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बढ़ती हुई मरीजों की संख्या यह संकेत देती है कि लोगों को स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। चिकित्सकों ने अंत में कहा कि समय पर स्वास्थ्य जांच और सतर्कता ही इन समस्याओं से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।